June 24, 2026
Punjab

देश में किस तरह की सरकार है जो एक पेपर ठीक से नहीं करा पा रही – केजरीवाल

What kind of government is there in the country that is unable to conduct a single paper properly – Kejriwal

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक के बाद एक पेपर लीक होने और कई तरह की गड़बड़ियां सामने आने पर युवाओं के भविष्य को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि हमारे देश में किस तरह की सरकार है जो एक पेपर ठीक से नहीं करा पा रही है। नीट, सीबीएसई 12वीं, एसएससी जीडी के बाद अब बीटेक परीक्षा में भी गड़बड़ियों की खबर आ रही है। पूरी शिक्षा व्यवस्था पर माफिया ने क़ब्ज़ा कर लिया है। युवाओं को अपना भविष्य सुरक्षित करना है तो कुछ करना होगा।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि नीट, सीबीएसई क्लास 12 के बाद अब एसएससी जीडी में भी कई जगहों से गड़बड़ियों की खबर आ रही है। कई जगहों से शिकायत आ रही है कि सर्वर में खराबी आ गई, कई जगह एग्जाम सेंटर पर क्षमता से ज़्यादा बच्चों को बुला लिया गया। ये किस तरह की सरकार है? जो एक पेपर ठीक से नहीं करा पा रहे?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था पर माफिया ने पूरी तरह से क़ब्ज़ा कर लिया है। करोड़ों बच्चों और युवाओं के भविष्य का सौदा हो रहा है। ऐसे ही तो शिक्षा माफिया फल फूल नहीं रहा। इनको शह देने वाले टॉप पर बैठे दो लोग हैं। अपना भविष्य सुरक्षित चाहते हो तो आपको ही कुछ करना पड़ेगा।

उधर, दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और “आप” पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कहा कि पिछले 10 दिन में एक भी दिन ऐसा नहीं बीता जब कोई पेपर लीक का मामला सामने न आया हो। किसी परीक्षा में धांधली को लेकर लोगों को गुस्सा न आया हो या किसी एग्जाम को लेकर बवाल न हुआ हो। नीट का पेपर लीक हुआ। फिर सीबीएसई की परीक्षा में मूल्यांकन का घोटाला सामने आ गया। यूपीएससी की परीक्षा को लेकर बवाल हो गया। अभी उत्तर प्रदेश में बोर्ड की परीक्षा हुई, वहां पर वीआईपी रोल नंबर को लेकर बवाल हो गया। आज पूरे दिन एसएससी के जो छात्र परीक्षा देने गए थे, वे सड़कों पर बवाल करते रहे क्योंकि उनके साथ धोखा हो गया। देश में यह चल क्या रहा है?

मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी चुनाव जीतने पर जितना ध्यान देते हैं, अगर उसका एक फीसद भी देश में पेपर ठीक कराने पर दे दें, तो पेपर ठीक होने लगेंगे और युवाओं का भविष्य बनने लगेगा। लेकिन उन्हें तो इसकी चिंता ही नहीं है। प्रधानमंत्री पूरे देश को गुमराह कर सकते हैं, लेकिन इस देश के युवाओं को गुमराह नहीं कर सकते। यह नए दौर का युवा है, यह सबक सिखाना जानता है।

मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री से कहा कि ना आपसे शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा लिया जा रहा है, ना परीक्षाएँ ईमानदारी से करवाई जा रही हैं। देश का युवा पूछ रहा है कि जब आपसे सिस्टम ही नहीं संभल रहा, तो कुर्सी छोड़ क्यों नहीं देते?

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