फतेहाबाद पुलिस ने गुरुनानकपुरा मोहल्ले से सीसीटीवी कैमरों का एक नेटवर्क हटा दिया है। आरोप थे कि नशीले पदार्थों के तस्कर इनका इस्तेमाल पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कर रहे थे। यह कार्रवाई निवासियों की शिकायतों के बाद की गई, जिन्होंने दावा किया कि निगरानी प्रणाली का दुरुपयोग सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय नशीले पदार्थों के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था। यह कार्रवाई एसपी निकिता खट्टर द्वारा शुरू किए गए व्यापक नशीले पदार्थों विरोधी अभियान का हिस्सा है।
पुलिस ने फतेहाबाद इलाके से सीसीटीवी कैमरे क्यों हटा दिए?
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे तब हटाए जब निवासियों ने बार-बार शिकायत की कि इनका दुरुपयोग नशीले पदार्थों के तस्करों द्वारा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में लगे कई कैमरे निजी संपत्तियों की बजाय सड़कों, गलियों और प्रवेश द्वारों की ओर लगे हुए थे। निवासियों ने आरोप लगाया कि फुटेज का इस्तेमाल पुलिस गश्त और छापेमारी पर नज़र रखने के लिए किया जा रहा था, जिससे तस्करों को पुलिस के पहुंचने से पहले ही प्रतिबंधित सामान को स्थानांतरित करने या छिपाने का मौका मिल जाता था।
गुरुनानकपुरा पुलिस की निगरानी में क्यों है?
फतेहाबाद एसपी निकिता खट्टर के अनुसार, गुरुनानकपुरा मादक पदार्थों की तस्करी का गढ़ बन गया है। पुलिस ने हाल ही में इलाके से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं और कई कथित मादक पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन घटनाक्रमों के चलते, इलाके में विशेष पुलिस निगरानी रखी जा रही है।
निवासियों का क्या कहना है?
इलाके से सीसीटीवी कैमरे हटाए जाने का कई निवासियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल एक छोटा गिरोह इलाके की छवि खराब कर रहा था। कुछ निवासियों ने आरोप लगाया कि मादक पदार्थों के सेवन से कई परिवार प्रभावित हुए हैं और उन्होंने चिंता व्यक्त की कि मादक पदार्थों के व्यापार से होने वाली अवैध कमाई पड़ोस के सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर रही है।
क्या आवासीय क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाना गैरकानूनी है?
एसपी खट्टर ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा उद्देश्यों के लिए निवासी अपने घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, कैमरों का उपयोग सार्वजनिक सड़कों और गलियों की निगरानी के लिए इस तरह से नहीं किया जाना चाहिए जिससे आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।
नशीली दवाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई कितनी प्रभावी रही है?
अप्रैल में फतेहाबाद एसपी का पदभार संभालने के बाद से निकिता खट्टर ने नशा-विरोधी अभियान को तेज कर दिया है। 1 अप्रैल से 8 जून के बीच पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत लगभग 140 एफआईआर दर्ज कीं और करीब 220 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसी दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई जारी रहेगी और जिले भर में नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के प्रयास जारी हैं।


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