May 15, 2026
Entertainment

जब मौत के डर ने बदली जिंदगी, सुनैना रोशन का ‘फैट से फिट’ होने का सफर

When Mut Ke Dar changed my life, Sunaina Roshan’s ‘Mota Se Fit’

मनोरंजन जगत के सितारे खुद को फिट रखने के साथ-साथ अपने परिवार को भी हेल्दी और फिट रहने के लिए प्रेरित करते हैं। अभिनेता ऋतिक रोशन की बहन और फिल्म प्रोड्यूसर सुनैना रोशन आज भले ही कितनी फिट नजर आती हैं, लेकिन उनके जीवन में एक समय ऐसा आया था, जब बढ़ते वजन होने की वजह से उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

गुरुवार को सुनैना ने इंस्टाग्राम पर ‘पहले और बाद’ के ट्रांसफॉर्मेशन की एक कोलाज तस्वीर पोस्ट की। इस तस्वीर के जरिए उन्होंने प्रशंसकों को अपने शारीरिक और मानसिक बदलाव की एक झलक पेश की। सुनैना ने पोस्ट के जरिए बताया कि कैसे एक गंभीर बीमारी के कारण वे अस्पताल में भर्ती होने से उनकी जिंदगी में बदलाव आया। इस कोलाज में उनकी यात्रा की शुरुआत की एक पुरानी तस्वीर के साथ-साथ एक हालिया तस्वीर भी दिखाई देती है, जिसमें वह फिट और स्वस्थ नजर आ रही हैं।

सुनैना ने तस्वीर पोस्ट कर लिखा, “भारी वजन होने से लेकर फिट रहने तक का सफर मैंने सिर्फ अच्छा दिखने के लिए नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए शुरू किया था। असल बदलाव तब शुरू हुआ, जब मैं पीलिया की वजह से अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी थी और बहुत डर गई थी। डर इस बात का था कि मैंने अपने शरीर पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। साथ ही, कहीं मैं अपनों के साथ मौजूद न रह पाऊं। फिर वही डर मेरी ताकत बन गया।”

सुनैना ने बताया कि उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे धीरे शुरुआत से शरीर को फिट कर लिया। उन्होंने अपनी यात्रा को याद करते हुए लिखा, “मेरे लिए ये यात्रा आसान नहीं थी। कई दिन ऐसे आए, जब हार मानने का मन हुआ। शरीर दर्द करता था, ऊर्जा खत्म हो जाती थी और वजन भी कम नहीं होता था। इन सबके बीच मैं फिर भी लगी रही, क्योंकि मुझे समझ आ गया था कि सबसे बड़ी लड़ाई शरीर की नहीं, दिमाग की होती है।”

उन्होंने आगे लिखा, “असली बदलाव तब महसूस हुआ, जब मैंने अपनी सोच को बदला और वही बदलाव शरीर में देखने को मिला क्योंकि हमारा शरीर बिल्कुल वैसा ही चलता है, जैसा हम सोचते हैं।”

सुनैना ने बताया कि वजन कम करने का सबसे बड़ा मकसद तो ताकत, सहनशक्ति, अनुशासन, घर का हेल्दी खाना और एक बेहतर जिंदगी, ये सब पाना था। उन्होंने लोगों को मोटिवेट करते हुए लिखा, “आपका शरीर आपकी हर सोच को सुनता है, अपने साथ धैर्य रखो, लगातार मेहनत करते रहो और सबसे जरूरी, अनुशासन बनाए रखो।

उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए बताया कि परफेक्ट बनने के पीछे न भागे। उन्होंने लिखा, “किसी भी कार्य को पूरा करने तक रुके नहीं; मुझे इंतजार है उस नए इंसान को देखने का, जो आप बनने वाले हैं।”

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