N1Live Punjab पंजाब के सांसद सीचेवाल स्कूलों में पर्यावरण अध्ययन को अनिवार्य क्यों बनाना चाहते हैं?
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पंजाब के सांसद सीचेवाल स्कूलों में पर्यावरण अध्ययन को अनिवार्य क्यों बनाना चाहते हैं?

Why does Punjab MP Seechewal want to make environmental studies compulsory in schools?

राज्यसभा सांसद और प्रख्यात पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने संसद के उच्च सदन में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया और मांग की कि देश भर के सभी स्कूलों में पर्यावरण अध्ययन को अन्य मुख्य विषयों की तरह ही अनिवार्य विषय बनाया जाए। उन्होंने कहा कि जब प्राथमिक विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण की नींव रखी जाएगी, तो पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिक राष्ट्रव्यापी स्तर पर समाज में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेंगे।

संत सीचेवाल ने कहा कि मनुष्य और प्रकृति का संबंध सदियों पुराना है और सभी धर्म प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीने का संदेश देते हैं। उन्होंने गुरबानी का हवाला देते हुए जोर दिया कि वायु, जल और पृथ्वी मानव जीवन का आधार हैं, लेकिन आज मनुष्य के लालच के कारण प्रकृति के ये तीन अनमोल उपहार गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं।

वैश्विक तापमान में वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि विनाशकारी बाढ़, भीषण सूखा और समुद्री सुनामी का खतरा काफी बढ़ गया है। जलवायु असंतुलन का सीधा असर मनुष्यों, जानवरों, पक्षियों, जलीय जीवन और वनस्पतियों पर पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि ये स्थितियां प्रकृति के साथ मानवीय हस्तक्षेप का परिणाम हैं।

संत सीचेवाल ने इस बात पर जोर दिया कि यदि हम आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित भविष्य प्रदान करना चाहते हैं, तो पर्यावरण जागरूकता प्राथमिक विद्यालय स्तर से ही विकसित की जानी चाहिए। बच्चों को छोटी उम्र से ही प्रकृति से प्रेम करना, उसका सम्मान करना और उसकी रक्षा करना सिखाने से उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद मिलेगी और वे भविष्य में समाज की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि “वैश्विक स्तर पर सोचें, स्थानीय स्तर पर कार्य करें” का सिद्धांत तभी सफल हो सकता है जब पर्यावरण शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहे बल्कि जमीनी स्तर पर लागू की जाए। वृक्षारोपण, पौधों की देखभाल, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करके जीवन यापन जैसे व्यावहारिक पाठों को विद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।

अंत में, संत सीचेवाल ने सरकार से अपील की कि वह देश भर के सभी स्कूलों में पर्यावरण अध्ययन को अनिवार्य विषय घोषित करे और एक जागरूक और जिम्मेदार समाज का निर्माण करे जो धरती माता की रक्षा करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में सक्षम हो।

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