N1Live National मुंबई में दही-हांडी उत्सव को लेकर महिलाओं में उत्साह, बोलीं- हर साल रहता है इस दिन का इंतजार
National

मुंबई में दही-हांडी उत्सव को लेकर महिलाओं में उत्साह, बोलीं- हर साल रहता है इस दिन का इंतजार

Women in Mumbai excited about the Dahi Handi festival; say they look forward to this day every year.

मुंबई के श्री साई दत्ता मित्र मंडल की ओर से में दही-हांडी उत्सव की तैयारियां चल रही हैं। इस उत्सव में महिला श्रद्धालु शामिल होती हैं। महिलाएं दही-हांडी फोड़ने के लिए काफी उत्सुक हैं। आईएएनएस से बातचीत में एक महिला ने कहा कि हम लोग आज श्री साई दत्ता मित्र मंडल की हांडी फोड़ने आए हैं। बीते छह वर्षों से हम लोग हांडी फोड़ते आए हैं। इसको लेकर हम लोग काफी उत्सुक हैं। हांडी उत्सव खत्म होने के बाद ही हम लोगों को इस दिन का इंतजार रहता है।

महिला ने कहा कि अब लड़के और लड़कियों में कोई अंतर नहीं रह गया है, ऐसे में जो लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए बड़े पैमाने पर लोग सपोर्ट कर रहे हैं, जो लोग ऐसा नहीं कर रहे हैं। उनको भी घर की लड़कियों को आगे बढ़ाना चाहिए। अगर एक लड़की को कुछ करना पसंद है तो उसका समर्थन और हर चीज के लिए मनोबल बढ़ाना चाहिए। महिलाएं हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं। इस क्षेत्र में हम लोग कम योगदान नहीं दे रहे हैं। दही-हांडी उत्सव में हिस्सा लेने आईं एक और महिला ने कहा कि हम लोग यहां हर वर्ष आते हैं और खूब आनंद लेते हैं।

बीते दिन मुंबई में बड़े उल्लास के साथ जन्माष्टमी मनाई गई। मुंबई गोवर्धन इकोविलेज के डायरेक्टर गौरंगा दास ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “इस्कॉन चौपाटी का श्री श्री राधा गोपीनाथ मंदिर पिछले 40 साल से जन्माष्टमी मना रहा है। दक्षिण मुंबई एक बहुत अहम इलाका है और हर साल जन्माष्टमी के दौरान कम से कम दो लाख भक्त दर्शन के लिए मंदिर आते हैं।”

गौरंग दास ने कहा, “कहा जाता है कि कलियुग में सबसे बड़ी आध्यात्मिक साधना ‘हरि नाम संकीर्तन’ है, यानी भगवान के पवित्र नाम का जाप करना। जब कोई हमें एक गिलास पानी भी देता है, तो हम तुरंत ‘थैंक यू’ कहते हैं।” भगवान हमको वायु, जल और अन्न दे रहे हैं। इतना सब कुछ पाने के बाद मानव समाज क्या उनको धन्यवाद नहीं दे सकता। हम महामंत्र के जप को धन्यवाद देने की पद्धति कहते हैं।

Exit mobile version