April 13, 2026
National

नोएडा फेस-2 में श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन, वेतन वृद्धि को लेकर बढ़ा बवाल, रिचा ग्लोबल कंपनी से शुरू हुआ था विवाद

Workers in Noida Phase 2 stage a violent protest over wage hikes, a dispute that began with Richa Global.

13 अप्रैल । नोएडा के फेस-2 औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों का प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। सोमवार को यह आंदोलन अचानक हिंसक हो गया, जब अलग-अलग कंपनियों के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आक्रोश में आकर हंगामा शुरू कर दिया। विशेष रूप से मदरसन कंपनी के बाहर स्थिति बेकाबू हो गई, जहां प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, कई वाहनों में आग लगा दी और पूरे इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया।

इस पूरे विवाद की जड़ रिचा ग्लोबल नाम की कंपनी को माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, रिचा ग्लोबल की एक यूनिट हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित है, जहां पिछले कई दिनों से श्रमिक वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वहां कंपनी प्रबंधन ने 35 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि को मंजूरी दी, जिसके तहत टेक्निकल स्टाफ की सैलरी 20,000 और नॉन-टेक्निकल स्टाफ की सैलरी 15,000 कर दी गई।

इसी फैसले के बाद नोएडा फेस-2 में स्थित रिचा ग्लोबल की चार अन्य फैक्ट्रियों में कार्यरत सैकड़ों श्रमिकों ने भी समान वेतन वृद्धि की मांग शुरू कर दी। उनका कहना है कि जब कंपनी ने फरीदाबाद यूनिट में वेतन बढ़ाया है, तो नोएडा के कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। श्रमिकों की मांग है कि यहां भी सभी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 20,000 की जाए। धीरे-धीरे यह विवाद केवल रिचा ग्लोबल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास की अन्य एक्सपोर्टर कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों में भी फैल गया। बड़ी संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतर आए, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में कामकाज भी प्रभावित हुआ।

लगातार बीते कई दिनों से चल रहे इस प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। श्रम आयुक्त समेत कई अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन के साथ घंटों तक बातचीत की थी। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों की मुख्य मांगे हैं कि उनका वेतन 20000 रुपये मासिक किया जाए। बैंक खाते में 30 नवंबर तक बोनस दिया जाए। किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रूप से सेवा से न निकाला जाए। ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाए, कोई कटौती न हो। हर कर्मी को साप्ताहिक अवकाश मिले रविवार को काम कराया जाए तो उसका दोगुना भुगतान किया जाए।

प्रशासन का दावा है कि श्रमिकों की अधिकांश मांगों को लिखित रूप में मान लिया गया है और फैक्ट्री मालिकों को निर्देश भी दिए गए हैं कि वे श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करें। हालांकि, श्रमिकों का कहना है कि वेतन वृद्धि के मुद्दे पर उन्हें अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है और कंपनी प्रबंधन इस पर टालमटोल कर रहा है। इसी वजह से उनका आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है और प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा।

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