बुधवार को थॉट लैब द्वारा कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के छात्रावास और मेस स्टाफ के लिए मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सत्र का संचालन करने वाली काउंसलर डॉ. अंजली तनेजा ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और उन्हें कार्यस्थल के तनाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद करना था।
हाल ही में कुरुक्षेत्र स्थित एनआईटी में आत्महत्या के मामले सामने आए थे।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. तनेजा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि निरंतर कार्य दबाव, लंबे कार्य घंटे और व्यक्तिगत जिम्मेदारियाँ अक्सर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने के महत्व पर बल दिया और समझाया कि तनावमुक्त और उत्पादक जीवन जीने के लिए शरीर और मन की उचित देखभाल कितनी आवश्यक है।
उन्होंने कर्मचारियों को तनाव और थकान को कम करने के व्यावहारिक तरीकों के रूप में सरल शारीरिक गतिविधियों, विश्राम तकनीकों और नियमित व्यायाम को अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया।
तनेजा ने प्रतिभागियों को अपने विचारों, भावनाओं और चिंताओं को सहकर्मियों और पर्यवेक्षकों के साथ खुलकर साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि भावनात्मक बोझ कम हो और एक सहायक एवं सकारात्मक कार्य वातावरण का निर्माण हो सके। उन्होंने कार्यस्थल के साथ-साथ घर पर भी सद्भाव बनाए रखने में सकारात्मक सोच, टीम वर्क और आपसी समझ की भूमिका पर चर्चा की।
एनआईटी, कुरुक्षेत्र के जनसंपर्क अधिकारी दिलबाग पंचाल ने कहा, “थॉट लैब की इस पहल को खूब सराहा गया और संस्थान के छात्रावास और मेस स्टाफ के बीच मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और कार्य-जीवन संतुलन के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने में यह बेहद फायदेमंद साबित हुई।”

