न्यूयॉर्क, अमेरिका में भारतीय फिल्म निर्माता मीरा नायर के बेटे जोहरान ममदानी ने नए साल के दिन न्यूयॉर्क के मेयर पद की जिम्मेदारी संभाली और हाथ पर कुरान रखकर शपथ ली। इस शपथ ग्रहण के दौरान दक्षिण एशियाई विरासत की झलक देखने को मिली।
शपथग्रहण के बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जोहरान ममदानी ने अपने माता-पिता और दिल्ली में मौजूद अपने रिश्तेदारों का शुक्रिया अदा किया। जोहरान ममदानी युगांडा के कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर महमूद ममदानी के बेटे हैं, जो भारतीय मूल के हैं।
शपथ लेने के बाद सिटी हॉल की सीढ़ियों पर अपने पहले भाषण में उन्होंने कहा, “मुझे पालने-पोसने, मुझे इस दुनिया में कैसे रहना है, यह सिखाने और मुझे इस शहर में लाने के लिए मेरे माता-पिता, मामा और दादा का शुक्रिया। कंपाला से दिल्ली तक मेरे परिवार का शुक्रिया।”
शपथ लेने के लिए उन्होंने जिन तीन कुरान का इस्तेमाल किया, उनमें से दो उनके दादा और दादी की थीं। उनके शपथ ग्रहण से पहले एक हिंदू अरुण खोसाई, और एक सिख संदीप कौर, ईसाई और यहूदी धार्मिक नेताओं के साथ खड़े थे। न्यूयॉर्क से आए एक इमाम ने प्रार्थना में अल्लाह का नाम लिया।
ममदानी ने अपने भाषण में अपनी विरासत का जिक्र किया। उन्होंने शहर को मजदूरों के काम करने लायक बनाने की बात की, जो उन्हें बिरयानी खिलाते हैं। उनकी विरासत की झलक सिंगर बबुलिशियस के गाने में भी देखने को मिली। बब्बुलिशियस ने इनॉगरेशन सेरेमनी के दौरान पंजाबी और इंग्लिश मिक्स में ‘गड्डी रेड चैलेंजर’ गाना।
बब्बुलिशियस का असल नाम बब्बू सिंह है और वह एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कॉमेडियन, आर्टिस्ट और बच्चों की किताबों के लेखक भी हैं। जब पिंक पगड़ी पहने सिंगर स्टेज पर कूद रहे थे, तो ममदानी ने बबुलिशियस के गाने पर ताली बजाई। “न्यू यॉर्क विच मुंडा रेंडाआआ,” बब्बुलिशियस ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया।
ममदानी के भाषण में एक लाइन थी, ‘लोगों के दिल बदल गए हैं। उन्होंने कहा कि समीना नाम की एक पाकिस्तानी आंटी ने उन्हें बताया कि शहर पर उनके आंदोलन का कैसा असर रहा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि वैसे तो ममदानी अपने पिता के धर्म का जिक्र करते हैं, जिसे उन्होंने अपना धर्म मान लिया है। हालांकि, वह उस धर्म के बारे में कुछ भी नहीं कहते हैं, जिसमें उनकी मां पैदा हुई थीं।
जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मेयर हैं। उनका जन्म युगांडा में हुआ था। पहले पांच साल युगांडा में बिताने के बाद वे दो साल दक्षिण अफ्रीका में रहे। दक्षिण अफ्रीका में उनके पिता पढ़ाते थे। फिर सात साल की उम्र में वे न्यूयॉर्क आ गए थे।
उन्हें घाना के दिवंगत राष्ट्रपति क्वामे नक्रूमा के नाम पर क्वामे नाम दिया गया था, जो अफ्रीका से उनके जुड़ाव को दिखाता है। ममदानी की शादी सीरियाई मूल की कलाकार रमा सवाफ दुवाजी से हुई है। सवाफ का जन्म अमेरिका में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपना बचपन फारस की खाड़ी के देशों में बिताया।


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