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काशी की बनारसी साड़ियों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वीरता की झलक

A glimpse of the valor of 'Operation Sindoor' on Banarasi sarees of Kashi

वाराणसी, 23 मई । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गूंज काशी की गलियों और बाजारों में भी सुनाई दे रही है। बनारस की पहचान मानी जाने वाली बनारसी साड़ियों पर इस ऑपरेशन की थीम उकेरी जा रही है, जो लोगों को आकर्षित कर रही है।

बनारस के साड़ी कारोबारियों ने देशभक्ति की भावना से प्रेरित होकर ऑपरेशन सिंदूर को अपने डिजाइन में शामिल किया है। इन साड़ियों में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के शौर्य को एक साथ दर्शाया गया है। साड़ियों पर ब्रह्मोस मिसाइल, लड़ाकू विमान, युद्धपोत और सुदर्शन चक्र (एस-400) जैसे प्रतीक चिन्हों का चित्रण किया गया है। इन साड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ये अब न सिर्फ स्थानीय बल्कि देशभर के लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई हैं।

दुकानदार विकास ने बताया कि हमने इस साड़ी को ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरित होकर तैयार किया है। इसमें थल सेना, जल सेना और वायु सेना के प्रतीकों को एक साथ मिलाकर डिजाइन किया गया है। साड़ी पर ब्रह्मोस मिसाइल, ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए तमाम लड़ाकू विमान समेत एस-400 भी दर्शाया गया है। इस साड़ी के माध्यम से हम एक संदेश देना चाहते हैं कि पूरा देश अपने सैनिकों के साथ खड़ा है, पूरा भारत एक है।

दुकानदार ने आगे कहा कि अभी तो हमने सेंपल तैयार किया है और भी साड़ियां तैयार की जाएगी। देश के सैनिकों को हम अपनी तरफ से गिफ्ट देना चाहते हैं।

ये साड़ियां न केवल पारंपरिक बनारसी कला का उदाहरण हैं, बल्कि उनमें समाहित देशभक्ति का जज़्बा हर किसी को गौरवान्वित करता है। स्थानीय लोगों के अलावा विदेशी पर्यटक भी इन खास साड़ियों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। ये साड़ियां अब राष्ट्रभक्ति की नई पहचान बन चुकी हैं, जो यह दर्शाती हैं कि जब देश की बात हो, तो हर वर्ग चाहे वह कलाकार हो या व्यवसायी, सभी एकजुट होकर राष्ट्र के साथ खड़ा होता है।

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