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लेखक की मेहनत का सम्मान करें, बिना वजह स्क्रिप्ट न बदलें: अभिनेता जावेद जाफरी

Respect the writer's hard work, don't change the script without reason: Actor Javed Jaffrey

अभिनेता जावेद जाफरी जल्द ही सिनेमाघरों में फिल्म ‘मायासभा’ में नजर आएंगे। यह फिल्म तुम्बाड के निर्देशक राही अनिल बर्वे की दूसरी फिल्म है। हाल ही में अभिनेता जावेद जाफरी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की और बदलते सिनेमा के बारे में कुछ दिलचस्प बातें कीं।

अभिनेता ने कहा कि एक अभिनेता को हमेशा यह सोचना चाहिए कि एक लेखक ने फिल्म में कितने सालों तक मेहनत की। अगर कोई डायलॉग या सीन पसंद न आए तो सवाल जरूर पूछ सकते हैं कि ऐसा क्यों है, लेकिन बिना वजह बदलाव नहीं करना चाहिए। वे कहते हैं कि वे निर्देशक की सोची हुई भूमिका को जितना संभव हो उतना निभाने की कोशिश करते हैं।

इसी के साथ ही अभिनेता ने सिनेमा में हो रहे तेजी से बदलाव पर बात रखी। उन्होंने कहा, “पहले कोडेक जैसी चीजें कभी खत्म नहीं होती थीं, लेकिन अब डिजिटल और एआई ने सब कुछ बदल कर दिया है। हर चीज बदल रही है और खान-पान, रहन-सहन और सिनेमा का नैरेटिव भी। आज जेनजी और अल्फा का अटेंशन स्पैन सिर्फ 6 सेकंड का है। अगर शुरुआती 6 सेकंड में दर्शक का ध्यान न पकड़ा जाए, तो कंटेंट हटाया जा सकता है। चैनल हेड्स और प्लेटफॉर्म इसे बहुत ज्यादा गंभीरता से ले रहे हैं।”

अभिनेता ने आगे बातचीत में कहा कि प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ने से स्क्रिप्ट और स्टोरीटेलिंग बदल गई है। वेब सीरीज में 7 से 8 घंटे में कहानी बताई जा सकती है, जबकि फिल्म में सिर्फ 1-2 घंटे होते हैं। उन्होंने कहा, “आज फिल्में बिजनेस प्रोजेक्ट बन गई हैं, जहां सिर्फ नंबर्स मायने रखते हैं, लेकिन वे मानते हैं कि अच्छी फिल्में आज भी प्रभाव डालती हैं। पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों तरह से, हालांकि पॉजिटिव ज्यादा। जो लोग सच में अच्छी और अलग कहानी कहना चाहते हैं, उनके लिए मौका है।”

भारत में स्क्रीन्स की कमी पर जावेद ने कहा कि चीन के पास हमसे कहीं ज्यादा स्क्रीन्स हैं। हमारे यहां स्क्रीन्स ही कम हैं तो फिल्में रिलीज कहां होंगी? यह इंडस्ट्री के लिए बड़ी चुनौती है।

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