हिमाचल प्रदेश वन विभाग की 27वीं वार्षिक खेल एवं कर्तव्य प्रतियोगिता आज शिमला जिले के रामपुर में शुरू हुई, जिसमें 32 खेल विधाओं में 124 स्पर्धाओं में 1,000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने किया।
भाग लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खाची ने कहा कि यह खेल प्रतियोगिता वनों की रक्षा में लगे फील्ड स्टाफ और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त अधिकारियों दोनों के लिए अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करने का आग्रह किया और प्रतियोगिता में उनकी सफलता की कामना की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पदभार ग्रहण करते ही 2030 तक हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया था और अब इसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग सहित सभी सरकारी विभाग इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, “वन विभाग की महत्वाकांक्षी पर्यावरण-पर्यटन पहल राज्य की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।” उन्होंने विभाग से वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को अधिक हरा-भरा बनाने की दिशा में काम करने का भी आग्रह किया।
खाची ने कहा कि राज्य सरकार ने 2030 तक राज्य के हरित आवरण को 32 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और वनों की रक्षा का जिम्मा संभालने वाले वन कर्मियों की इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका है।

