जीएसटी युक्तिकरण पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन ‘ग्रोथ-2026’ का समापन आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), हमीरपुर में हुआ।
एनआईटी के निदेशक प्रोफेसर एचएम सूर्यवंशी ने बताया कि जीएसटी 2.0 पर राष्ट्रीय कार्यक्रम 9 सितंबर से दो दिनों तक आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों के पैनल विचार-विमर्श, गोलमेज वार्ता, ज्ञान साझाकरण सत्र और स्कूलों एवं कॉलेजों के साथ आउटरीच कार्यक्रम शामिल थे, जिनका उद्देश्य जीएसटी सुधारों के बारे में जागरूकता और समझ को बढ़ाना था। वे कार्यक्रम के समापन दिवस पर प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, IIIT और देश के विभिन्न हिस्सों के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और संस्थानों के संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, प्रतिनिधियों और शोधप्रस्तुतकर्ताओं ने भाग लिया।
प्रोफेसर सूर्यवंशी ने बताया कि जीएसटी युक्तिकरण, क्षेत्रीय विकास और आर्थिक परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं को शामिल करते हुए 100 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए और 12 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों को जीएसटी 2.0 से जुड़े उभरते अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने और विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान किया। एनआईटी के प्रबंधन अध्ययन विभाग ने भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएससीएसआर) के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया।
एनआईटी की रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना संतोष नानोटी; आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर संतोष रंगनेकर; और हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार इंजीनियर अनुपम ठाकुर (एचएएस) ने भी मुख्य भाषण दिए।

