कर्नाटक के बेलगावी जिले के सौंदत्ती तालुक के इंचल गांव में मजदूरों को खुदाई के दौरान सोने के सिक्कों से भरा मटका मिला है। मजदूरों ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए सभी सिक्के प्रशासन को सौंप दिए, जिसके बाद तालुक प्रशासन ने उनकी खूब सराहना की।
यह घटना इंचल गांव में बीसीएम हॉस्टल के पास काम के दौरान हुई। वीबी जीरामजी योजना के तहत काम कर रहे दिहाड़ी मजदूरों को काम करते समय जमीन में एक मिट्टी का बर्तन मिला। जब बर्तन को खोला गया तो उसमें 14 सोने के सिक्के निकले।
सिक्कों का वजन 54.8 ग्राम है और इनकी कीमत करीब 8.27 लाख रुपए आंकी गई है। मजदूरों ने सिक्के अपने पास रखने के बजाय ईमानदारी दिखाते हुए अधिकारियों को सौंप दिया।
सभी सिक्के पंचायत विकास अधिकारी (पीडीओ) और तालुक पंचायत स्टाफ की मौजूदगी में सौंदत्ती तहसीलदार को सौंपे गए। सौंदत्ती के तहसीलदार मल्लिकार्जुन हेग्गनवर ने सभी सिक्कों को सरकारी खजाने में जमा करा दिया।
मजदूरों को मिले 14 सिक्कों पर हाथी की तस्वीर बनी हुई है। इतिहास के जानकारों के मुताबिक हाथी तलकाडु के गंगा वंश का शाही प्रतीक था। ये सिक्के 10वीं से 15वीं शताब्दी के बीच के हैं। इतने पुराने और ऐतिहासिक महत्व के सिक्के मिलना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस मामले में तालुक प्रशासन ने मजदूरों की ईमानदारी की तारीफ की है। अधिकारियों ने कहा कि अगर मजदूर चाहते तो सिक्के छुपा सकते थे, लेकिन उन्होंने ईमानदारी का परिचय देकर एक अच्छी मिसाल पेश की है।


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