राज्य सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई किफायती किराया आवास परिसर (एआरएचसी) योजना के तहत आवास बोर्ड के कुल 1,669 खाली फ्लैटों को औद्योगिक संघों को 20 से 25 साल के लिए किराए पर दिया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा किराया योजना की घोषणा के बाद उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कुंडली के सेक्टर 60 व 10 में फ्लैटों की स्थिति का जायजा लिया तथा औद्योगिक एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक भी की।
डीसी ने हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 10, 18, 19, 35, 63 व 8 में खाली पड़े प्लाटों की स्थिति की भी समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रवासी मजदूरों, औद्योगिक मजदूरों, छात्रों और अन्य गरीब लोगों के लिए किफायती किराये के आवास योजनाएँ शुरू की हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों को किफायती किराए पर मकान उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र के दौरान इस योजना की घोषणा की थी और इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया था।
मनोज कुमार ने कहा कि इस योजना को दो मॉडलों के तहत लागू किया जा रहा है और इसमें सरकारी वित्तपोषित आवासों को ARHC में बदलना शामिल है। ARHC में पानी, बिजली, स्वच्छता और रसोई क्षेत्र जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी। इस योजना के तहत किराए किफायती हैं और स्थानीय बाजार दरों के अनुसार निर्धारित किए गए हैं। यह योजना उन लोगों के लिए फायदेमंद थी जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) और निम्न आय समूहों (LIG) के अंतर्गत आते थे और शहरी क्षेत्रों में काम करते थे।
उन्होंने कहा कि एआरएचसी योजना शहरी गरीबी और प्रवासी श्रमिकों की आवास समस्याओं को कम करने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डीसी ने बताया कि सोनीपत में हाउसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित फ्लैट सेक्टर 10 में 66, सेक्टर 18 में 366, सेक्टर 17 में 239, सेक्टर 19 में 3, सेक्टर 35 में 58, सेक्टर 60 में 930, सेक्टर 63 में 4 तथा सेक्टर 8 में 3 फ्लैट उपलब्ध हैं।
डीसी ने कहा कि ये फ्लैट केवल औद्योगिक एसोसिएशन को ही किराये पर आवंटित किए जाएंगे तथा एसोसिएशनों को ये फ्लैट उसी स्थिति में लेने होंगे, जिसमें वे हैं तथा इनकी मरम्मत का कार्य संबंधित एसोसिएशनों द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन फ्लैटों का क्षेत्रफल 300 वर्ग फुट है तथा छोटे होने के बावजूद इनमें सीवरेज सहित सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन (केआईए) के पदाधिकारियों ने सेक्टर 60 में टीडीआई और एचएसआईआईडीसी के बीच पुल बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वहां 900 से अधिक फ्लैट उपलब्ध हैं और अगर इन्हें औद्योगिक एसोसिएशन को दे दिया जाए तो श्रमिकों को एनएच-44 पार नहीं करना पड़ेगा।
मांग के बाद डीसी मनोज कुमार ने कहा कि ड्रेन नंबर 8 के पुल के लिए प्रशासन की मंजूरी मिल गई है और जल्द ही इसके निर्माण के लिए टेंडर अलॉट कर दिया जाएगा। डीसी ने उनसे इन फ्लैटों का दौरा करने की भी अपील की और उसके बाद, नीलामी के माध्यम से फ्लैटों को एसोसिएशनों को आवंटित किया जाएगा।
बैठक में केआइए अध्यक्ष धीरज चौधरी, राय इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के परमहंस सोलंकी, बरही इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से नवीन कौशिक व अमित उपस्थित थे.
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