February 3, 2023
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इस्लामाबाद आत्मघाती विस्फोट के हमलावर की हुई पहचान

इस्लामाबाद, 23 दिसंबर, 2022 को इस्लामाबाद में एक पुलिस चेकपोस्ट को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले की जांच करने वाली एक उच्च-स्तरीय टीम ने आत्मघाती हमलावर की पहचान की है, जबकि कम से कम दो अन्य मददगारों की तलाश की जा रही है, जिन्होंने अपराधी को पाकिस्तानी राजधानी के घटनास्थल तक पहुंचाने में मदद की थी।

जानकार सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने दो लोगों की पहचान की है जिन्होंने खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में आत्मघाती हमलावर की मदद की थी और उसे रावलपिंडी तक पहुंचने और फिर हमले को अंजाम देने के लिए इस्लामाबाद की ओर बढ़ने में मदद की थी।

जांच दल में शामिल एक अधिकारी ने कहा, “आत्मघाती हमलावर के दो सूत्रधार थे। एक उसे 23 दिसंबर को इस्लामाबाद लाया और दूसरा, जो रावलपिंडी में मौजूद था, उसने उसे सुसाइड जैकेट पहनाई।”

अतिरिक्त विवरण से पता चला है कि आत्मघाती हमलावर ने करक, केपी से मर्दन शहर की यात्रा की थी, जहां वह अपने एक सहायक के साथ रात भर रुका था।

अगली सुबह, हमलावर ने केपी में स्वाबी शहर की यात्रा की, जहां से, उसने एक वाहन लिया और रावलपिंडी में पीर वधाई बस स्टेशन की ओर कूच किया। दूसरे फैसिलिटेटर ने पीर वधाई में बॉम्बर को रिसीव किया।

जांच के बारे में जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, “अभी तक यह पता नहीं किया जा सका है कि हमलावर और केपी के उसके सूत्रधार ने विस्फोट के लिए तैयार आत्मघाती जैकेट के साथ यात्रा की थी या रावलपिंडी में उनके सहायक द्वारा उन्हें सौंपी गई थी।”

चूंकि एक आत्मघाती जैकेट ले जाना अधिक जोखिम भरा और खतरनाक है, ऐसा माना जाता है कि रावलपिंडी के सूत्रधार ने ही इसे बम फेंकने वाले को सौंप दिया था।

सूत्र ने कहा, “हमलावर ने भी पीर वधाई पहुंचने के बाद फोन किया और किसी से बात की।”

“हम मानते हैं कि जिस व्यक्ति के साथ आत्मघाती हमलावर ने पीर वधाई पहुंचने के बाद फोन पर बात की, उसी ने उसके लिए आत्मघाती जैकेट की व्यवस्था की थी।”

अपराध स्थल से बरामद आत्मघाती हमलावर के अवशेषों के साथ, जिसमें शरीर का ऊपरी हिस्सा और चार उंगलियां शामिल हैं, जांचकर्ताओं को उंगलियों के निशान के फोरेंसिक परीक्षण के बाद उसकी पहचान का पता लगाने में सफलता मिली है।

सूत्र ने आगे कहा कि अपराध स्थल पर एक मोबाइल सिम भी मिला है, जिसके पंजीकरण का विवरण हमलावर के उंगलियों के निशान से मेल खाता है।

उन्होंने कहा, “आत्मघाती हमलावर केपी के कुर्रम जिले का रहने वाला था और उसकी पहचान 22 साल के साकिब-उद-दीन के रूप में हुई है।”

एक अन्य व्यक्ति, जिसने अपने मोबाइल फोन से इस्लामाबाद में संसद और रेड जोन का वीडियो बनाया था और ‘टीटीपी आ रहा है’ कहते हुए सुना गया था, उसकी भी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

खुफिया सूत्रों ने पुष्टि की है कि वह व्यक्ति तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) आतंकी संगठन से संबद्ध था।

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