N1Live Punjab ’48 घंटों में 4 मौतें। पंजाब और कितने बेटों को खोएगा?’ सांसद रंधावा ने नशीली दवाओं से संबंधित मौतों पर सवाल उठाया।
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’48 घंटों में 4 मौतें। पंजाब और कितने बेटों को खोएगा?’ सांसद रंधावा ने नशीली दवाओं से संबंधित मौतों पर सवाल उठाया।

"4 deaths in 48 hours. How many more sons will Punjab lose?" MP Randhawa questioned the drug-related deaths.

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राज्य में हाल ही में मादक पदार्थों के ओवरडोज से हुई मौतों पर दुख और चिंता व्यक्त की है। रणधावा ने सवाल किया, “पंजाब कितने और बेटों को खोएगा? पंजाब के युवाओं को कौन बचाएगा?” उन्होंने कहा कि 48 घंटों के भीतर चार अंत्येष्टि करना बेहद दुखद है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मादक पदार्थों के कारण अपनी जान गंवाने वाले युवाओं की मौत के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए, न कि राजनीति।

रणधावा ने कहा कि महज 48 घंटों में नशीले पदार्थों के कारण हुई चार मौतें न केवल दिल दहला देने वाली हैं, बल्कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में मौजूदा सरकार की विफलता का गंभीर प्रमाण भी हैं। ये घटनाएं छिटपुट मामले नहीं हैं, बल्कि ये सरकार के ‘नशीले पदार्थों के खिलाफ जंग’ अभियान की जमीनी हकीकत को उजागर करती हैं, जो उसके बड़े-बड़े दावों के बिल्कुल विपरीत है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान आम आदमी सरकार तत्काल कार्रवाई नहीं करती है, तो इतिहास इस अवधि को एक ऐसी अवधि के रूप में याद रखेगा जिसमें एक पूरी पीढ़ी विफल हो गई और बर्बाद हो गई। “पंजाब के युवा महज आंकड़े नहीं हैं, वे हमारे भविष्य की नींव हैं। हर एक मौत व्यवस्था की सामूहिक विफलता को दर्शाती है, और वर्तमान सरकार को बिगड़ती स्थिति की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।”

रणधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पिछले छह महीनों में नशीली दवाओं से संबंधित मौतों की कुल संख्या के बारे में सवाल किया और पूछा कि ये आंकड़े सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार ने नशीली दवाओं के खिलाफ निर्णायक युद्ध का वादा करते हुए सत्ता संभाली थी।

उन्होंने मुख्यमंत्री से राजनीतिक दिखावे से ऊपर उठकर इस मुद्दे की गंभीरता को समझने का आग्रह किया। उन्होंने पंजाब की जनता को आश्वासन दिया कि वे कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर हर मंच पर इस मुद्दे को उठाते रहेंगे और जब तक कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक सरकार को जवाबदेह ठहराते रहेंगे।

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