October 16, 2026
Haryana

प्रदूषण और नियमों के उल्लंघन के आरोप में झज्जर में 509 वाहन जब्त किए गए।

पिछले कुछ दिनों में, दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में, प्रदूषण नियंत्रण मानदंडों और अन्य निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में झज्जर पुलिस ने 509 वाहन जब्त किए हैं। इनमें 81 भारी वाहन शामिल हैं, जबकि शेष वाहनों में से अधिकांश मोटरसाइकिलें हैं। यह कार्रवाई वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, पर्यावरण की रक्षा करने और यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए की गई थी।

बहादुरगढ़ के ट्रैफिक इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि पुलिस राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के दिशानिर्देशों के अनुसार कार्रवाई कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वाहन संचालन से संबंधित नियमों और आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।

पुलिस ने पुराने बीएस-I, बीएस-II, बीएस-III और बीएस-IV वाहनों के मालिकों से भी अपील की है कि वे अपने वाहनों की श्रेणी, ईंधन के प्रकार और आयु को ध्यान में रखते हुए, लागू एनसीआर नियमों के तहत अपने वाहनों की पात्रता की जांच करें। वाहन मालिकों को सरकारी वाहन स्क्रैपिंग योजना और इसके तहत मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी के लिए परिवहन विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है। पात्र लोग अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों के माध्यम से अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप करवा सकते हैं और लागू लाभों का फायदा उठा सकते हैं।

पुलिस ने वाहन चालकों और परिवहनकर्ताओं से अपने वाहन के दस्तावेजों को पूर्ण रखने, लागू उत्सर्जन मानकों का अनुपालन करने और यातायात एवं पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने से बचने का आग्रह किया है। पुलिस ने कहा कि सरकारी नियमों का पालन और उपलब्ध स्क्रैपिंग योजना के लाभों का उपयोग प्रदूषण को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकता है। स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस बीच, उपायुक्त वर्षा खंगवाल ने कहा कि 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को तुरंत स्क्रैप करने का समय आ गया है। पुराने वाहन न केवल अत्यधिक वायु प्रदूषण का कारण बनते हैं, बल्कि उनके रखरखाव में भी अधिक खर्च आता है और सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी वे असुरक्षित हैं।

जिला परिवहन अधिकारी रविश हुड्डा ने बताया कि आरवीएसएफ केंद्रों पर वाहनों के सुरक्षित निपटान के लिए व्यवस्था की गई है। इस प्रक्रिया से प्रदूषण कम करने, सड़क दुर्घटनाओं की संख्या घटाने और वाहनों के उपयोगी पुर्जों के पुनर्चक्रण में मदद मिलेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जो वाहन मालिक अपने पुराने वाहनों को जल्द से जल्द आरवीएसएफ केंद्रों पर स्क्रैप कराने में विफल रहते हैं, उन्हें नियमों के अनुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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