January 12, 2026
Haryana

यमुनानगर जोन में नगर निगम ने चार संपत्तियां सील कीं

Municipal Corporation sealed four properties in Yamunanagar zone

नगर निगम, यमुनानगर-जगाधरी ने यमुनानगर जोन में एक शॉपिंग मॉल सहित चार संपत्तियों को सील कर दिया है, क्योंकि इन संपत्तियों के मालिक संपत्ति कर का भुगतान करने में विफल रहे थे।

इन चार बकाएदारों पर नगर निगम का कुल 38,33,211 रुपये का संपत्ति कर बकाया है और ये व्यक्ति उन संपत्ति धारकों की श्रेणी में आते हैं, जिन पर नगर निगम का 5 लाख रुपये से अधिक संपत्ति कर बकाया है।

क्षेत्रीय कराधान अधिकारी अजय वालिया के नेतृत्व में एक टीम ने बकाया संपत्ति कर जमा न कराने पर सोमवार को यमुनानगर जोन में तीन व्यावसायिक संपत्तियों सहित चार संपत्तियों को सील कर दिया। नगर निगम की टीम सबसे पहले गधौली गांव पहुंची, जहां टीम ने एक निवासी की संपत्ति को सील कर दिया, जिस पर 7,68,970 रुपये का संपत्ति कर बकाया था।

इस प्रॉपर्टी को सील करने के बाद टीम गोविंदपुरी रोड पर स्थित एक शॉपिंग मॉल पहुंची और इस प्रॉपर्टी को सील कर दिया। इस प्रॉपर्टी पर कुल 16,04,054 रुपए टैक्स बकाया था। इसके बाद नगर निगम की टीम कन्हैया साहिब चौक के पास पहुंची, जहां टीम ने एक कमर्शियल प्रॉपर्टी को सील कर दिया। इस प्रॉपर्टी के मालिक पर 5,35,366 रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था।

इसी तरह, एमसी की टीम ने फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित एक व्यावसायिक संपत्ति को सील कर दिया। इस संपत्ति पर कुल 9,24,819 रुपये का कर बकाया था। इन संपत्तियों को सील करने के बाद नगर निगम की टीम ने सभी संपत्तियों पर चेतावनी नोटिस चिपका दिए कि यदि सील के साथ छेड़छाड़ की गई या नगर निगम की अनुमति के बिना सील खोली गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम के आयुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि कुछ दिन पहले सभी बकाएदारों को अंतिम नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने न तो अपना संपत्ति कर जमा किया और न ही नोटिस का कोई जवाब दिया, जिसके बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई।

नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने बताया, “नगर निगम ने संपत्ति कर न चुकाने वालों की संपत्ति सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ दिन पहले जगाधरी जोन के चार बकाएदारों की संपत्ति सील की गई थी। अब नगर निगम ने यमुनानगर जोन में चार संपत्ति सील की है।”

उन्होंने कहा कि कुछ संपत्ति धारकों ने संपत्ति कर जमा करवा दिया है, जबकि कुछ ने किश्तों में कर देना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी भी कई संपत्ति धारक ऐसे हैं जो संपत्ति कर नहीं भर रहे हैं।

अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त विजय पाल यादव ने बताया कि प्रथम चरण में उन संपत्तिकर बकाएदारों की संपत्ति सील करने की कार्रवाई की जा रही है, जिन पर 5 लाख से अधिक व 10 लाख रुपये से अधिक संपत्तिकर बकाया है।

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