1 मार्च । राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में इन दिनों चल रही तेज सतही हवाओं का असर अब वायु गुणवत्ता पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद के करीब 90 प्रतिशत इलाके ‘येलो जोन’ यानी मध्यम श्रेणी में पहुंच गए हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मॉनिटरिंग स्टेशनों से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में एक्यूआई मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया।
दिल्ली के प्रमुख क्षेत्रों का हाल बताए तो अलीपुर – 166, आनंद विहार – 258 (सबसे अधिक), अशोक विहार – 181, आया नगर – 147, बवाना – 207, बुराड़ी क्रॉसिंग – 161, चांदनी चौक – 194, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स – 154, सीआरआरआई मथुरा रोड – 147 और डीटीयू – 150 एक्यूआई दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिल्ली के अधिकांश स्टेशन 150 से 200 के बीच दर्ज किए गए, जबकि आनंद विहार 258 के साथ अपेक्षाकृत खराब श्रेणी में रहा। नोएडा में स्थिति की बात करे तो सेक्टर-62 – 150, सेक्टर-1 – 163, सेक्टर-116 – 160, दर्ज किया गया। गाजियाबाद का हाल बताए तो इंदिरापुरम – 163, लोनी – 219, संजय नगर – 153 और वसुंधरा – 178 में एक्यूआई दर्ज किया गया है।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक्यूआई 219 दर्ज किया गया, जो अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहा, जबकि बाकी इलाके येलो जोन में बने रहे। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार 2 मार्च को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री, 3 मार्च को 33 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री तथा होली 4 मार्च को अधिकतम 34 डिग्री और न्यूनतम 16 डिग्री रहने का अनुमान है। तीनों दिन दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि तेज हवाओं के कारण प्रदूषक तत्वों का फैलाव हुआ है, जिससे एक्यूआई में सुधार देखने को मिला है। हालांकि दोपहर में कड़ी धूप और शुष्क हवाओं के कारण लोगों को गर्मी का एहसास होगा। ऐसे में इस बार होली का त्योहार तेज धूप और हवाओं के बीच मनाया जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं ने फिलहाल प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया है, जिससे एनसीआर वासियों को कुछ राहत मिली है।


Leave feedback about this