4 जून । फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के विशेषज्ञों की एक टीम गुरुवार को मालवीय नगर स्थित होटल में फिर से जाएगी। वहां वे उस भयानक अग्निकांड के सिलसिले में विस्तृत फोरेंसिक जांच करेंगे, जिसमें 21 लोगों की जान चली गई थी।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, एफएसएल टीम बुधवार को होटल की सिर्फ एक मंजिल का ही मुआयना कर पाई थी और अब वे बिल्डिंग के बाकी हिस्सों की जांच जारी रखेंगे।
खबरों के मुताबिक, आग की घटना में मारे गए लोग होटल की तीसरी मंजिल और बेसमेंट में मौजूद थे। जांच के दौरान फायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों को कई कमरों में इलेक्ट्रिक स्टोव और बिजली के दूसरे उपकरण मिले।
शुरुआती जांच से पता चला है कि कुछ मेहमान, जो लंबे समय से होटल में रह रहे थे, इन उपकरणों का इस्तेमाल अपना खाना बनाने के लिए कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, ज्यादातर मौतें जलने से नहीं बल्कि धुएं में दम घुटने की वजह से हुईं। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि बिल्डिंग के मालिक लवकेश बजाज का होटल के कारोबार में कोई पार्टनर नहीं था।
दिल्ली पुलिस ने इस दुखद घटना की जांच तेज कर दी है। करीब 10 टीमें अभी जांच में लगी हुई हैं और फरार होटल मैनेजर जय मिश्रा की तलाश कर रही हैं।
जांच के तहत दिल्ली पुलिस ने कई एजेंसियों को चिट्ठियां लिखी हैं, जिनमें दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), बीएसईएस और दक्षिण जिला मजिस्ट्रेट शामिल हैं।
पुलिस ने एमसीडी से बिल्डिंग की हालत का जायजा लेने और किसी भी नियम-उल्लंघन की पहचान करने के लिए उसका स्ट्रक्चरल सर्वे करने का अनुरोध किया है। बीएसईएस से होटल के बिजली कनेक्शन से जुड़ी जानकारी देने और मौजूदा बिजली के ढांचे का मुआयना करने को कहा गया है।
दक्षिण जिला मजिस्ट्रेट को एक अलग चिट्ठी भेजी गई है, जिसमें बिल्डिंग का मुआयना करने और होटल के रजिस्ट्रेशन और उसे चलाने की अनुमतियों से जुड़े दस्तावेज़ों की जांच करने का अनुरोध किया गया है।
इस बीच, मारे गए लोगों का पोस्टमॉर्टम दिल्ली के एम्स मुर्दाघर में किया जा रहा है। कुल 13 शवों को वहां लाया गया है। इनमें से छह शवों का पोस्टमॉर्टम गुरुवार को किया गया जबकि बाकी शवों का पोस्टमॉर्टम शुक्रवार को पूरा होने की उम्मीद है। मालवीय नगर के होटल में लगी भीषण आग के बाद शवों को एम्स में शिफ्ट कर दिया गया।


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