बॉलीवुड में कई सितारे ऐसे आए जिन्होंने अपनी मेहनत और टैलेंट से बड़ा नाम कमाया। कुछ की शुरुआत तो धमाकेदार रही, मगर बाद में फ्लॉप फिल्मों का दौर शुरू हो गया। ऐसा ही एक नाम है इमरान खान, जो सुपरस्टार आमिर खान के भांजे हैं। चॉकलेटी बॉय के नाम से लोकप्रिय हुए इमरान की डेब्यू फिल्म ‘जाने तू… या जाने ना’ सुपरहिट हुई और उन्होंने युवाओं का दिल जीत लिया।
उनकी क्यूट लुक और नेचुरल एक्टिंग ने उन्हें स्टार बना दिया, लेकिन इसके बाद लगातार फ्लॉप फिल्में आईं और उनका सिक्का नहीं चला। धीरे-धीरे वे बॉलीवुड से दूर हो गए।
इमरान खान का 13 जनवरी को जन्मदिन है। सुपरहिट डेब्यू, लगातार फ्लॉप फिल्मों और पर्सनल लाइफ के उन उतार-चढ़ावों से भरी उनकी जिंदगी रही। इमरान खान एक ऐसे एक्टर हैं, जिनकी डेब्यू फिल्म में शानदार एक्टिंग को देखकर फैन-फॉलोइंग लंबी बन गई थी। इमरान खान ने साल 2008 में फिल्म ‘जाने तू… या जाने ना’ से बॉलीवुड में धमाल मचा दिया।
आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी यह रोमांटिक फिल्म सुपरहिट साबित हुई और इमरान को इससे स्टारडम मिला। उनकी क्यूट लुक और नेचुरल एक्टिंग ने उन्हें दर्शकों का फेवरेट बना दिया।
इसके बाद उन्होंने साल 2010 में आई ‘आई हेट लव स्टोरीज’ में काम किया, जो औसत से ऊपर रही और बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक कारोबार किया। साल 2011 में आई ‘दिल दोस्ती डांस’ और ‘मेरे ब्रदर की दुल्हन’ दोनों ही सफल साबित हुईं। इन फिल्मों ने इमरान को रोमांटिक हीरो के तौर पर मजबूत किया। लेकिन इसके बाद उनका करियर नीचे की ओर लुढ़कने लगा।
साल 2011 में ही ‘ब्रेक के बाद’ रिलीज हुई, जो फ्लॉप रही। साल 2012 में ‘एक मैं और एक तू’ भी बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। इसके बाद उनकी कुछ अन्य फिल्में आईं, जो दर्शकों को पसंद नहीं आईं। साल 2015 में ‘कट्टी बट्टी’ आखिरी बड़ी रिलीज रही, जो पूरी तरह फ्लॉप रही। इसके बाद इमरान खान ने फिल्मों से दूरी बना ली।
पर्सनल लाइफ की बात करें तो इमरान ने साल 2011 में अपनी बचपन की दोस्त अवंतिका मलिक से शादी की थी। इस जोड़े की शादी काफी चर्चा में रही, लेकिन 8 साल बाद 2019 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। तलाक के बाद इमरान ने अपनी बेटी इमारा के साथ समय बिताने पर फोकस किया। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि 2016 से उनका बुरा दौर शुरू हुआ, जब वे अंदर से पूरी तरह टूट गए थे। उन्होंने कहा, “मैं पिता बना तो लगा कि अब मुझे बेटी के लिए अपना बेस्ट वर्जन बनना है। पैसों की चिंता नहीं थी, लेकिन मानसिक रूप से मैं बहुत परेशान था।”
एक्टिंग छोड़ने के बाद उनकी लाइफस्टाइल में भी बड़ा बदलाव आया।
इमरान ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि साल 2005 में जब वह अपनी पढ़ाई पूरी कर भारत लौटे, तो डायरेक्टर और राइटर बनना चाहते थे। उन्होंने अपनी स्क्रिप्ट एक टीवी चैनल को दी, लेकिन उनकी कहानी चुरा ली गई। इस घटना ने उन्हें काफी निराश किया, लेकिन बाद में इसी वजह से उनकी मुलाकात अब्बास-मस्तान के साथ हुई, जिसके बाद ‘जाने तू… या जाने ना’ का रास्ता बना।

