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जम्मू-कश्मीर फिल्म उद्योग को मिलेगी नई ऊर्जा, सीआईआई ने किया जेके फिल्म महोत्सव का आयोजन

Jammu and Kashmir film industry to get a new impetus as CII organises JK Film Festival

जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश परिषद (सीआईआई) ने भारतीय सिनेमा के केंद्र के रूप में जम्मू-कश्मीर को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से सीआईआई जम्मू-कश्मीर फिल्म महोत्सव का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में अभिनेत्री कुसुम टिक्कू, अभिनेता और फिल्म निर्माता आशीष निझावन और फिल्म निर्माता अतुल विनोद दुग्गल सहित कई कलाकारों को एक ही मंच पर देखा गया। कार्यक्रम में फिल्म निर्माण के भविष्य, स्थानीय कहानियों को बढ़ावा देने और कुशल तरीके से फिल्मों के निर्माण पर फोकस करने की बातों पर चर्चा की गई।

अभिनेत्री कुसुम टिक्कू ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ये पहला मौका है, जहां फिल्मों और उनके निर्माण को लेकर बातचीत करने का मंच मिला है। पहली बार निर्माताओं और सरकार के अलग-अलग विभागों से आए प्रतिनिधियों ने इन मुद्दों पर बात की है, लेकिन इसका परिणाम क्या होगा, ये आने वाला समय ही बताएगा।

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार को कुछ नीतियां लानी होंगी क्योंकि हम पंजाब, हिंदी और साउथ की इंडस्ट्री की बात करते हैं लेकिन जम्मू-कश्मीर की नहीं। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि फिल्म कहां लगेगी और किन-किन सिनेमाघरों में स्क्रीन मिलेगी, और अब अभी लोगों के अंदर टिकट खरीदकर फिल्म देखने का कल्चर भी लाना है क्योंकि क्षेत्रीय फिल्मों को पकड़ जमाने में समय लगता है।

फिल्म निर्माता आशीष निझावन ने कहा कि जम्मू कश्मीर फिल्म इंडस्ट्री की हालत खराब है क्योंकि कोई फाइनेंशियल और मोरल सपोर्ट देने वाला नहीं है। इस मंच के जरिए कलाकार कम्युनिटी और सरकार के बीच पहली बार बातचीत हुई है और हमें उम्मीद है कि उसके अच्छे परिणाम निकलकर सामने आएंगे।

तमिल, तेलुगू और मलयालम इंडस्ट्री के विकास पर आशीष निझावन ने कहा कि साउथ की ये सारी इंडस्ट्री आज विकसित नहीं हुई हैं, बल्कि बहुत पहले हो चुकी हैं। वहां के राज्यों के सीएम ही पहले सिनेमा से जुड़े थे और सरकार में आते ही उन्होंने क्षेत्रीय इंडस्ट्री को सपोर्ट दिया, और यही कारण है कि साउथ सिनेमा इतनी ऊंचाइयों पर है, लेकिन हमें उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर में भी नई शुरुआत होगी।

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