पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां के पास सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में नव निर्वाचित भाजपा प्रतिनिधियों के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु पर तीखा हमला बोला। ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की भावनाओं के अनुसार कार्य नहीं कर रही है, बल्कि मंत्रिमंडल के बजाय ‘मित्र मंडल’ (दोस्तों का समूह) द्वारा चलाई जा रही है।
हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों पर बोलते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की आधारशिला हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखु सरकार ने इन चुनावों में देरी करने का प्रयास किया और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का अपमान किया।
ठाकुर ने कहा कि भाजपा को चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय तक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा से जुड़े उम्मीदवारों ने 11 में से 10 जिला परिषदों, तीन नगर निगमों में जीत हासिल की और राज्य भर में पंचायती राज संस्थाओं की लगभग 80 प्रतिशत सीटें जीतकर कांग्रेस के शासन को निर्णायक रूप से खारिज कर दिया।
कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह पर कटाक्ष करते हुए ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल मंत्री विकास निधि जुटाने के बजाय एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराने के लिए लगातार दिल्ली भाग-दौड़ कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मल्लिकार्जुन खर्गे और राहुल गांधी के साथ चुनावोत्तर समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों को दोषी ठहराया, जबकि मंत्रियों ने चुनावी हार का सीधा कारण मुख्यमंत्री की कार्यशैली को बताया।
जय राम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने नई कल्याणकारी पहल शुरू करने के बजाय पिछली भाजपा सरकार द्वारा स्थापित 2,500 से अधिक सार्वजनिक संस्थानों को बंद कर दिया। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता व्यक्त करते हुए दावा किया कि सुखु सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बढ़ा दिया, जिससे हिमाचल प्रदेश की कुल देनदारी 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस विकास नहीं हुआ।
इस अवसर पर विधायक आशीष शर्मा, पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, विजय अग्निहोत्री, डॉ. अनिल धीमान और कई भाजपा कार्यकर्ता तथा स्थानीय जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।


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