April 17, 2026
Entertainment

अभिनेता विवेक की पुण्यतिथि: सिनेमा का वो सितारा जिसने दिया ‘हरा’ संदेश, पर्दे पर हंसाने के साथ समाज को दिखाया आईना

Actor Vivek Oberoi’s death anniversary: ​​The cinema star who gave a ‘green’ message, held a mirror to society while making us laugh on screen.

17 अप्रैल ।तमिल फिल्म में जब कॉमेडी की बात होती है तो अभिनेता विवेकानंदन का नाम सबसे पहले आता है। अभिनेता ने कल्ट कॉमेडी फिल्मों से फैंस का दिल जीता और साउथ सिनेमा में अपनी अनूठी कॉमेडी शैली से गहरी छाप छोड़ी।

अभिनेता ने अपने करियर में 200 से अधिक फिल्मों में काम किया लेकिन बहुत कम उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। 17 अप्रैल को अभिनेता की पुण्यतिथि है।

सिनेमा में विवेक के नाम से महशूर अभिनेता के लिए कॉमेडी ही उनका सबकुछ था। तमिलनाडु में जन्मे अभिनेता ने मद्रास ह्यूमर क्लब से स्टैंड-अप कॉमेडियन के तौर पर कॉमेडी की शुरुआत की थी। उन्हें चेन्नई में सचिवालय में काम करते हुए भी कई पुरस्कारों से नवाजा गया था। अभिनेता मंच से ऐसी कॉमेडी करते थे कि दर्शक हंस-हंसकर लोटपोट हो जाते थे। विवेक को सिनेमा जगत से दिग्गज निर्देशक के. बालाचंदर ने परिचित कराया था, जिन्होंने रजनीकांत जैसे महान कलाकारों को भी सिनेमा से जोड़ा था।

साल 1987 में विवेक ने फिल्म ‘मनथिल उरुधि वेंडम’ से तमिल सिनेमा में कदम रखा। विवेक ने 80 के दशक में कई तमिल फिल्मों में छोटी भूमिकाएँ निभाईं, लेकिन 90 के दशक के उत्तरार्ध में अभिनेता दशक के बड़े कॉमेडियन बनकर उभरे। साल 2000 से 2001 में उन्होंने 50 से अधिक फिल्मों में काम किया और तमिल सिनेमा का लोकप्रिय चेहरा बने। अभिनेता ने रजनीकांत, आर माधवन, और थलापति विजय के साथ भी स्क्रीन पर अपने संवाद से दर्शकों को खूब हंसाया।

उन्होंने ‘खुशी’, ‘मिन्नाले’, ‘अलाइपायुथे’, ‘मुगावरी’, ‘डम्म डम्म डम्म’, ‘शिवाजी द बॉस’ समेत कई फिल्मों में काम किया। कॉमेडी के अलावा अभिनेता ने सामाजिक संदेश देने वाली फिल्मों में काम भी काम किया। उनकी ‘कधल सदुगुदु’ सबसे लोकप्रिय फिल्म थी, जिसमें उन्होंने एक बलात्कारी द्वारा पीड़िता से शादी करने की समाज की सोच पर प्रहार किया था। उनकी कई फिल्म समाज में अंधविश्वासों और रीति-रिवाजों पर प्रहार थी।

अपने करियर में अभिनेता ने कई अवॉर्ड भी हासिल किए। उन्हें साल 2009 में सिनेमा में उनके योगदान के लिए देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ जागरुकता अभियान में भी अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने ‘ग्रीन कलाम’ नाम की योजना को सुचारू रूप से चलाने में मदद की थी।

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