April 7, 2026
Entertainment

आदित्य धर ने ‘धुरंधर’ को एडिट करने वाले शिवकुमार को सराहा, बोले-फिल्म में जान डाल देते हैं

Aditya Dhar praised Shivkumar, who edited ‘Dhurandhar’, saying he brings life to the film.

7 अप्रैल । फिल्म डायरेक्टर आदित्य धर अपनी स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज की बॉक्स ऑफिस पर हो रही ताबड़तोड़ कमाई के बीच फिल्म के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को इसका श्रेय देना नहीं भूल रहे है। आदित्य धर ने सिनेमेटोग्राफर विकास नौलखा की तारीफ करने के बाद अब फिल्म के एक-एक सीन को बखूबी से दिखाने का श्रेय एडिटर शिवकुमार वी. पणिक्कर को दिया है, जिनकी एडिटिंग ने फिल्म के हाई-वोल्टेज एक्शन और दृश्यों को भावनात्मक रूप से जीवंत बनाया।

सोमवार को निर्देशक आदित्य धर ने शिवकुमार वी. पणिक्कर के लिए एक खास पोस्ट किया। इसमें उन्होंने शिव को अपना सबसे करीबी दोस्त और भाई बताया। आदित्य लिखते हैं, “कुछ रिश्ते सिर्फ एक फिल्म से नहीं बनते, बल्कि ये सालों के भरोसे, समझदारी और एक-दूसरे का साथ देने से बनते हैं।”

निर्देशक ने कहा, “वे सिर्फ एडिटर नहीं, बल्कि सबसे करीबी दोस्त, भाई और भरोसेमंद साथी हैं। उनकी निष्ठा इतनी गहरी है कि कोई भी इंसान भावुक हो जाए। मेरी जरूरत के समय वे हमेशा खड़े रहते हैं और सब कुछ दांव पर लगाने के लिए तैयार भी रहते हैं।”

आदित्य धर ने शिव की प्रतिभा की भी जमकर सराहना की। उन्होंने लिखा, “शिव निस्संदेह सबसे तेज और होशियार फिल्म एडिटर में से एक हैं, लेकिन उन्हें खास बनाने वाली बात सिर्फ उनका हुनर नहीं बल्कि फिल्म की कहानी, ताल और भावनाओं को समझने की उनकी गहरी समझ है। वे फिल्म को सिर्फ एडिट नहीं करते, बल्कि उसमें जान डालते हैं।”

आदित्य धर ने बताया कि धुरंधर को दो भागों में बांटने का फैसला भले ही उनका था, लेकिन इसे सफल बनाने का पूरा श्रेय शिव कुमार का है। आदित्य ने लिखा, “शिव ने इस जिम्मेदारी को अपने कंधों पर बहुत खूबसूरती से उठाया और शानदार तरीके से पेश किया। यह उनके लिए असली चमत्कार जैसा था।”

आदित्य ने लिखा कि आमतौर पर इतनी बड़ी फिल्म की एडिटिंग करने में अक्सर महीने या साल लग जाते हैं, लेकिन शिव ने इसे सिर्फ कुछ ही दिनों में पूरा कर दिया था। निर्देशक ने लिखा, “धुरंधर में हमने जो स्केल, गुणवत्ता और समयसीमा हासिल की, वह पहले कभी नहीं हुआ। इसका बड़ा श्रेय शिव को जाता है।”

आदित्य ने लिखा, “शिव कुमार की भूमिका सिर्फ एडिटिंग तक सीमित नहीं थी। लेखन, तैयारी, शूटिंग की मुश्किलों और पोस्ट-प्रोडक्शन, हर जगह वे फिल्म को बेहतर बनाने के लिए सोचते और मेहनत करते रहे। उन्होंने कभी दबाव में काम की गुणवत्ता को कम नहीं होने दिया और कभी सच्चाई से समझौता नहीं किया। शिव कुमार पणिक्कर का यह समर्पण और प्रतिभा वाकई अनमोल है।”

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