चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) के कुलपति प्रोफेसर विजय कुमार ने शुक्रवार को कहा कि प्रत्येक व्यक्ति एक भूमिका या ‘स्वधर्म’ लेकर पैदा होता है और इससे विमुख होने पर अहंकार बढ़ता है और शांति का ह्रास होता है। विश्वविद्यालय सभागार में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 संगोष्ठी के उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि समाज में समरसता तब आती है जब व्यक्ति – शिक्षक, डॉक्टर, अधिकारी और बच्चे – अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते हैं।
इससे पहले, मुख्य अतिथि और गणमान्य अतिथियों ने हरियाणा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा लगाई गई एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। वक्ताओं ने दैनिक जीवन में भगवद् गीता की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला, जबकि छात्रों ने गीता पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। श्री राम न्यू सतलुज स्कूल के बच्चों ने वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की।
प्रोफ़ेसर कुमार ने कहा कि गीता में बताए गए मार्ग पर चलकर और मन पर संयम रखकर, महान सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अच्छे संस्कार अपनाने का आग्रह किया और राधा-कृष्ण के मंचन की सराहना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राधा-कृष्ण नृत्य, चत्तरगढ़ पट्टी प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा गीता पाठ, एसएस जैन कन्या स्कूल द्वारा कृष्ण लीला तथा महाराजा अग्रसेन स्कूल द्वारा भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया।

