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एयर मार्शल नागेश कपूर बने भारतीय वायुसेना के नए उप प्रमुख

Air Marshal Nagesh Kapoor appointed as the new Vice Chief of the Indian Air Force

भारतीय वायुसेना में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन के तहत एयर मार्शल नागेश कपूर ने वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ का कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से यह पदभार संभाला है। उप प्रमुख पद पर उनकी नियुक्ति का आदेश लागू करते हुए वायु मुख्यालय में एक संक्षिप्त लेकिन गरिमामय समारोह में यह पदभार हस्तांतरण सम्पन्न हुआ।

एयर मार्शल कपूर को दिसंबर 1986 में भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में कमीशन दिया गया था। लगभग चार दशक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने वायुसेना के कई प्रमुख लड़ाकू और प्रशिक्षण विमान उड़ाए हैं। वे संचालन, प्रशिक्षण एवं वैमानिकी सुरक्षा से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। अपने पेशेवर जीवन में एयर मार्शल कपूर ने अनेक सामरिक कमान नियुक्तियां भी संभाली हैं। वह वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में अत्यंत अनुभवी पायलटों में गिने जाते हैं।

भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण, परिचालन क्षमता में वृद्धि और भावी युद्धक आवश्यकताओं की रणनीतिक योजना में उनके योगदान को विशेष रूप से सराहा जाता रहा है। उप वायु सेना प्रमुख के रूप में वे अब वायु सेना की प्रमुख नीतियों, संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण ढांचे और भविष्य की तकनीकी अधोसंरचना से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णयों का हिस्सा रहेंगे। वे 3400 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव वाले अनुभवी फाइटर पायलट, क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और फाइटर कॉम्बैट लीडर हैं।

उन्होंने मिग-21 के सभी वेरिएंट और मिग-29 फाइटर विमान उड़ाए हैं। डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र एयर मार्शल कपूर का 39 वर्षों से अधिक का सेवा अनुभव कमान, संचालन, प्रशिक्षण और स्टाफ दायित्वों से परिपूर्ण रहा है। वे स्क्वाड्रन कमांडर, स्टेशन कमांडर, एयर ऑफिसर कमांडिंग, एयर फोर्स एकेडमी में चीफ इंस्ट्रक्टर, पाकिस्तान में डिफेंस अटैची तथा एयर मुख्यालय व कमांड मुख्यालयों में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।

उन्हें 2008 में वायुसेना मेडल, 2022 में अति विशिष्ट सेवा मेडल, तथा 2025 में परम विशिष्ट सेवा मेडल एवं सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।

नागेश कपूर ने एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी का स्थान लिया है। तिवारी 31 दिसंबर 2025 को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के उप वायु सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो गए। उन्होंने राष्ट्र की चार दशकों तक गौरवशाली सेवा की। एयर मार्शल तिवारी 7 जून 1986 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू विमान शाखा में फ्लाइंग पायलट के रूप में कमीशन हुए। विभिन्न प्रकार के विमानों पर 3600 घंटे से अधिक के उड़ान अनुभव के साथ, एयर मार्शल ने विविध स्टाफ और कमांड पदों पर कार्य किया है।

एक योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और प्रायोगिक टेस्ट पायलट होने के अलावा, एयर मार्शल अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के स्नातक थे। अपने शानदार सैन्य करियर के दौरान, उन्होंने वेलिंगटन में भारतीय वायु सेना के टेस्ट पायलट स्कूल और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में डायरेक्टिंग स्टाफ के रूप में कार्य किया। उनके व्यापक फील्ड अनुभव में विभिन्न हथियारों और प्रणालियों का परिचालन परीक्षण शामिल है, जिसमें 1999 में कारगिल ऑपरेशन के दौरान ‘लाइटनिंग’ लेजर डेजिग्नेशन पॉड का संचालन भी शामिल है। वे लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के उड़ान परीक्षण के विभिन्न चरणों में सक्रिय रूप से शामिल रहे।

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