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एनसीआर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वायु गुणवत्ता गंभीर, रेड जोन में कई इलाके

Air quality in western Uttar Pradesh, including NCR, is severe; many areas in the red zone

दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एनसीआर के अधिकांश इलाके रेड जोन में दर्ज किए गए हैं, जिससे आम लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।

गाजियाबाद की बात करें तो यहां सभी सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। इंदिरापुरम में एक्यूआई 388, लोनी में 386, वसुंधरा में 386 जबकि संजय नगर में एक्यूआई 238 रिकॉर्ड किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।

नोएडा में भी हालात बेहतर नहीं हैं। सेक्टर-1 में एक्यूआई 362, सेक्टर-116 में 354 और सेक्टर-125 में 358 दर्ज किया गया, जो सभी रेड जोन की श्रेणी में हैं। वहीं, सेक्टर-62 में एक्यूआई 288 रहा, जो ऑरेंज जोन में है लेकिन स्वास्थ्य के लिए अभी भी सुरक्षित नहीं माना जाता।

दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब स्थिति में बनी हुई है। आनंद विहार में एक्यूआई 381, अशोक विहार में 374, चांदनी चौक में 363, मुंडका में 386 और नेहरू नगर में 389 दर्ज किया गया। इसके अलावा, जहांगीरपुरी में एक्यूआई 388, बवाना में 335 और डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज के आसपास एक्यूआई 340 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, लोधी रोड में एक्यूआई 220 और मंदिर मार्ग में 269 दर्ज किया गया, जो तुलनात्मक रूप से कम है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते मैदानी इलाकों में घना कोहरा और नमी बनी हुई है, जिससे प्रदूषक तत्व वातावरण में लंबे समय तक ठहरे हुए हैं।

आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 फरवरी को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम 22 डिग्री सेल्सियस रहेगा, वहीं सुबह और दोपहर के समय घना कोहरा छाया रहेगा। 5 फरवरी को मध्यम कोहरा और 6 फरवरी को हल्के कोहरे का पूर्वानुमान है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की रफ्तार नहीं बढ़ती और मौसम साफ नहीं होता, तब तक प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना कम है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों को घर के अंदर रहने, मास्क का उपयोग करने और सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

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