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अमृतसर दशहरा त्रासदी उच्च न्यायालय ने पीड़ितों के परिजनों को नौकरी देने के अधिकार को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

Amritsar Dussehra tragedy: High Court dismisses plea challenging right to jobs for kin of victims

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने अमृतसर में 2018 के दशहरा ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों के रिश्तेदारों के रूप में 34 व्यक्तियों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति प्रदान करने के आदेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर के गरीब रोगी कल्याण कोष में 10,000 रुपये लागत के रूप में जमा करने का निर्देश दिया है।

यह जनहित याचिका 25 जुलाई, 2021 के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए दायर की गई थी। यह आदेश पंजाब के अवर सचिव (कार्मिक) द्वारा जारी किया गया था। इसके माध्यम से त्रासदी में मारे गए लोगों के 34 परिजनों को रोजगार दिया गया। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से तीखा सवाल पूछा कि जनहित याचिका के माध्यम से सेवा विवाद कैसे उठाया जा सकता है।

वकील ने कहा कि यह सेवा संबंधी विवाद नहीं है और राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी जा रही है। 19 अक्टूबर, 2018 को अमृतसर के पास जौरा फाटक में दशहरा के अवसर पर रावण का पुतला जलाते हुए लोगों की भीड़ पर एक ट्रेन के चढ़ जाने से लगभग 60 लोग मारे गए और 71 घायल हो गए।

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