मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने गुरुवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाने का कांग्रेस का निर्णय उन समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं की पहचान है जिन्होंने वर्षों तक निस्वार्थ भाव से संगठन की सेवा की है। शर्मा द्वारा विधानसभा में अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सुखु ने कहा कि यह कदम एक मजबूत संदेश देता है कि प्रतिबद्ध जमीनी स्तर के कार्यकर्ता पार्टी के भीतर सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकते हैं।
कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शर्मा ने राज्यसभा चुनाव के अंतिम दिन अपना नामांकन दाखिल किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्रीगण और पार्टी विधायकों सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
इस बार भाजपा द्वारा उम्मीदवार न उतारने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए सुखु ने कहा कि कांग्रेस को डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उसके सभी 40 विधायक पार्टी और उसकी विचारधारा के प्रति समर्पित हैं। पिछले राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि निष्ठा और नैतिक मूल्यों से रहित कुछ नेताओं को भाजपा ने “खरीद लिया” था।
सुखु ने शर्मा को जमीनी स्तर का कार्यकर्ता बताया, जिन्होंने एनएसयूआई से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की, फिर युवा कांग्रेस में काम किया और बाद में कांगड़ा डीसीसी अध्यक्ष बने। उन्होंने आगे कहा कि शर्मा लगभग तीन दशकों से कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने मल्लिकार्जुन खर्गे और राहुल गांधी को एक समर्पित पार्टी कार्यकर्ता को यह अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व इस बात पर एकमत था कि हिमाचल प्रदेश के किसी नेता को ही टिकट दिया जाना चाहिए, क्योंकि बाहर के किसी व्यक्ति को टिकट देने से अक्सर स्थानीय भावनाएं आहत होती हैं। सुखु के अनुसार, इस निर्णय से राज्य भर के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास मजबूत होगा।

