August 22, 2026
National

राजस्थान में स्कूलों की जर्जर हालत पर भड़के आशुतोष रांका, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

Ashutosh Ranka lashes out over the dilapidated condition of schools in Rajasthan; demands Education Minister’s resignation.

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर विवाद तेज होता जा रहा है। सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने राज्य सरकार पर स्कूलों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की बदहाली के खिलाफ शुरू किया गया अभियान अब और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो जयपुर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

आशुतोष रांका ने आईएएनएस से बातचीत में हाल में हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके पास घटना से जुड़े कथित तौर पर कई अनएडिटेड वीडियो मौजूद हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया जा चुका है। उन्होंने राजस्थान पुलिस से वीडियो फुटेज के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की।

रांका ने कहा कि पिछले दिन हुई घटना से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद हैं और उन्हें एक्स, इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि ये वीडियो अनएडिटेड हैं और पुलिस के साथ भी साझा किए गए हैं। वीडियो में कथित तौर पर पत्थरबाजी करने वाले लोगों के चेहरे दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में पुलिस को वीडियो के आधार पर उनकी पहचान कर गिरफ्तारी करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर पुलिस या दूसरे पक्ष के पास घटना को लेकर कोई अलग दावा या साक्ष्य है, तो उसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। केवल बयान देने से किसी आरोप की पुष्टि नहीं होती, बल्कि वीडियो और सबूत सामने रखे जाने चाहिए। राजस्थान पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले पर पूरे देश की नजर है। ऐसे में पुलिस की जांच और कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होगा कि वह मामले में कितनी निष्पक्षता के साथ काम कर रही है।

आशुतोष रांका ने कहा कि उनका अभियान किसी राजनीतिक दल के खिलाफ चुनावी राजनीति करने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य उन सरकारी स्कूलों की स्थिति सामने लाना है, जहां बच्चों को कथित तौर पर खराब और असुरक्षित परिस्थितियों में पढ़ना पड़ रहा है। उन्होंने एक ऐसे स्कूल का उदाहरण देते हुए कहा कि वह स्कूल करीब ढाई से चार साल से भैंसों के तबेले में चल रहा है। रांका ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं पिछले वर्ष उस स्कूल का निरीक्षण किया था और वहां की स्थिति का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया था।

रांका ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार को अगर बच्चों के लिए स्कूलों की बेहतर व्यवस्था करनी है तो उसे ऐसे स्कूलों की वास्तविक स्थिति देखने और उन्हें सुधारने की मांग स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को यह मंजूर है कि बच्चे खराब परिस्थितियों में पढ़ते रहें, लेकिन स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाना और निरीक्षण करना स्वीकार नहीं है। स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग को लेकर शुरू की गई लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है। उनके मुताबिक, पिछले दिन की घटना के बाद आंदोलन और व्यापक होगा।

आशुतोष रांका ने कहा कि पिछले दिन के घटनाक्रम के बाद राजस्थान के अलग-अलग जिलों से स्कूलों की स्थिति को लेकर वीडियो सामने आने लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि लोग अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति दिखा रहे हैं और उनके निरीक्षण से जुड़े वीडियो भी साझा कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति का मुद्दा अब केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश के कई हिस्सों में लोग इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

रांका ने कहा कि यदि कथित तौर पर पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और संबंधित स्कूल की मरम्मत का काम शुरू नहीं कराया गया, तो जयपुर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब आंदोलन केवल स्कूलों की मरम्मत और सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का हिस्सा होगी।

रांका ने सरकार से सवाल किया कि आखिर शिक्षा मंत्री किस स्कूल को बचाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने उस स्कूल की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि जहां बच्चे कथित तौर पर भैंसों के तबेले के बीच पढ़ने को मजबूर हैं, वहां टिन शेड की स्थिति भी खराब है और कभी भी दुर्घटना का खतरा हो सकता है। रांका ने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती। उन्होंने शिक्षा विभाग से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने, जर्जर भवनों की मरम्मत कराने और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों की बदहाली से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार कथित तौर पर अलग-अलग नैरेटिव सामने ला रही है। रांका ने कहा कि अब पूरा देश इस मुद्दे को देख रहा है और लोगों के सामने स्कूलों की वास्तविक स्थिति आ रही है। उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी बंद होनी चाहिए और स्कूलों को ठीक करने पर ध्यान देना चाहिए। यदि सरकार ने समय रहते स्कूलों की स्थिति सुधारने और घटना में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की दिशा में कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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