April 7, 2026
National

पवन खेड़ा पर असम सरकार की कार्रवाई विपक्ष को डराने और आवाज दबाने की कोशिश : जयराम रमेश

Assam government’s action against Pawan Khera is an attempt to intimidate and suppress the opposition: Jairam Ramesh

7 अप्रैल । असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस के बीच टकराव तेज होता जा रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित घर पर असम पुलिस की तलाशी के बाद सियासी घमासान मच गया है। कांग्रेस ने इसे ‘बदले की कार्रवाई’ बताया है। जबकि असम सरकार इसे कानूनी कार्रवाई बता रही है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पुलिस की पूरी टीम पवन खेड़ा को गिरफ्तार करने के लिए भेजी गई, वह दिखाता है कि असम के मुख्यमंत्री घबराए हुए हैं और उन पर हार का खतरा मंडरा रहा है।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मशीनरी का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं को डराने और चुप कराने की कोशिश की जा रही है।

दरअसल, यह पूरा मामला उस विवाद से जुड़ा है, जिसमें कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं। इसी मुद्दे पर रिनिकी सरमा ने सोमवार को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद असम पुलिस मंगलवार को पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित घर पहुंची।

हालांकि, पुलिस को पवन खेड़ा घर पर नहीं मिले। मौके पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि केस दर्ज किया गया है और वे उनसे पूछताछ करना चाहते थे, लेकिन वे घर पर नहीं थे।

अधिकारी ने यह भी कहा कि घर से कुछ चीजें मिली हैं, लेकिन फिलहाल उनके बारे में खुलासा नहीं किया जा सकता। पुलिस का कहना है कि उन्हें पवन खेड़ा की वर्तमान लोकेशन की जानकारी नहीं है, लेकिन उनकी तलाश जारी है।

इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया और कहा कि जिन तीन देशों का जिक्र किया गया था, उन सभी ने इन दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के झूठ अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं।

सीएम सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि पवन खेड़ा पूछताछ से बचने के लिए फरार हो गए हैं। मेरे हिसाब से पवन खेड़ा भाग गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह संभवतः हैदराबाद चले गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है और चुनाव से पहले उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएगी और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

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