भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भारत और अमेरिका के बीच हुए फ्री ट्रेड डील पर अपनी बात रखी। साथ ही उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा मामले में भी अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाला फ्री ट्रेड एग्रीमेंट सीधे तौर पर अमेरिका की ओर से डिक्लेरेशन था, जिसका डेलिगेशन भी भारत में आया था। दो तीन दिन तक भारत में भी रहा, लेकिन अभी तक दोनों के बीच किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हुआ, क्योंकि यहां किसान और किसान संगठनों का दबाव सरकार पर रहा है। इसे लेकर हमने भी धरने प्रदर्शन किए, क्योंकि इससे उनका माल जीरो ड्यूटी पर आएगा और हमारे माल को वहां भेजने के लिए 18 फीसद ड्यूटी देनी होगी। अभी वो समझौता नहीं हुआ है। अब अगर समझौता होगा, तो हम अगले ही दिन इसे लेकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
राकेश टिकैत के मुताबिक, किसानों के बीच बिजली की भी समस्या है। एक और समस्या आ चुकी है, जिसे स्मार्ट मीटर कहा जा सकता है। वो भी एक बड़ी बीमारी है। हमने सरकार को कहा है कि आप अपने घोषणापत्र में साफ करिए कि आप स्मार्ट मीटर लगाएंगे या नहीं? इसे लेकर आपको अपनी तस्वीर साफ करनी होगी, क्योंकि यह जनता से जुड़ा विषय है। हम उसी आधार पर जिसकी सरकार बनेगी, स्मार्ट मीटर पर काम करेंगे। आप घोषणापत्र में इस बात का जिक्र कर दो कि हमारी सरकार बनेगी, तो हम स्मार्ट मीटर लगाएंगे। जनता आपको वोट देगी या नहीं, आप उस पर काम करो। आप सोलर सिस्टम पर सब्सिडी दीजिए। हर घर सोलर लगाया जाए, आपको इस दिशा में भी काम करना होगा। रही बात स्मार्ट मीटर बहुत ही खतरनाक है। महंगाई वैसे ही बढ़ रही है। किसानों की फसल बिक नहीं रही है। अभी अगर ये डील हो गया, तो आने वाले दिनों में अन्य फसलें भी बाहर से आएंगी। इससे किसानों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना होगा, इसलिए इसे लेकर हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
साथ ही, राकेश टिकैत ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और भाजपा की राजनीतिक स्थिति को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, मौजूदा स्थिति को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि दोनों ही दल काफी मजबूती के साथ मैदान में हैं। वैसे इन्हें वोट कोई दे नहीं रहा है। इसी वजह से ये लोग बेईमानी का रास्ता ज्यादा अपना रहे हैं।
वहीं, राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उन्होंने कहा कि मामले की जांच हो रही है। कई लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। अगर इन लोगों से रिकवरी भी हुई है, कितनी हुई है। इसे लेकर भी तस्वीर साफ होनी चाहिए। ट्रस्ट के सभी लोग इसमें शामिल नहीं हो सकते हैं। ट्रस्ट दिल्ली और बेंगलुरू का हो सकता है। जो लोग चंदे की गिनती में शामिल थे, वो हो सकते हैं। इन लोगों की एक गैंग होगी। ज्यादा गड़बड़ गितनी करने वालों ने की है। ये सभी लोग सीसीटीवी फुटेज में आएं होंगे। जिसने दान के पैसे खाए हैं, उसे देने ही होंगे, इस जन्म में नहीं, तो दूसरे जन्म में देने होंगे। सरकार और पुलिस को इस मामले में जो भी कार्रवाई करनी है, वो मंदिर परिसर के बाहर करें, क्योंकि बहुत लोग यहां पर दर्शन के लिए आते हैं।
इसके अलावा, अयोध्या में राजनेताओं के जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कहीं पर आग लग रही है, तो आप वहां कैसे जाएंगे। आप पानी लेकर जाएंगे या पेट्रोल। जाहिर सी बात है कि पानी लेकर जाएंगे। मौजूदा समय में जिस तरह राजनेता अयोध्या में दाखिल हो रहे हैं, उससे लग रहा है कि वो वहां पर पेट्रोल लेकर दाखिल हो रहे हैं। मेरा तो यही कहना है कि अभी आप लोग शांत रहिए। पहले इस मामले में शामिल चोरों को चिन्हित करके उन्हें पकड़ लिया जाए। इसके बाद ही आगे की तस्वीर साफ होगी।
राकेश टिकैत असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर राम मंदिर ट्रस्ट में कोई मुस्लिम होता, तो अब तक उसका एनकाउंटर हो जाता। इस पर राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्या वक्फ बोर्ड की संपत्ति नहीं बेची गई। अब इस मामले को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है। मुद्दा साफ है कि जिसने चोरी की है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है।
उन्होंने बाबा बागेश्वर के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी सनातन धर्म पर श्रद्धा रखने वाले लोगों को ही दी जानी चाहिए। इस पर किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम लोग तो बेकार में ही परेशान हो रहे हैं। बाबा बागेश्वर पर्चा निकालकर वैसे भी सब कुछ बता देते हैं, तो वो भला क्यों नहीं राम मंदिर के चढ़ावा चोरी में शामिल आरोपियों के बारे में बता देते हैं। वह एक बार सब कुछ बता दें, तो पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। बेवजह पुलिस प्रशासन परेशान हो रहा है।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि पुलिस प्रशासन अपना काम कर रही है। लिहाजा इसे किसी भी मामले में राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। आपको हर धर्म में ऐसे लोग मिल जाते हैं, जो चंदा चोरी जैसी गतिविधियों में शामिल रहते हैं। यहां तक की आपको हमारे संगठन में भी कई लोग पर्ची काटते हुए मिल जाएंगे और कई बार यह पकड़ में नहीं आते हैं। इस तरह के लोग आपको हर जगह मिल जाएंगे। चंदा फिर दे देंगे, कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन, जिसने चुराया है, उसे उसके किए की सजा मिली है। अब इस मामले को बहुत दिन हो चुके हैं। अब पुलिस प्रशासन को पूरे मामले की जांच करने दीजिए। पुलिस प्रशासन बिना किसी के दबाव में काम कर रही है।

