बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के बीच जन सुराज पार्टी ने बुधवार को प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) से शिकायत की।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर आचार संहिता के उल्लंघन और पार्टी कार्यकर्ताओं को कथित रूप से परेशान किए जाने का आरोप लगाया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में मनोज भारती ने कहा कि सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन द्वारा कथित रूप से किए जा रहे आचार संहिता के उल्लंघन के संबंध में दस्तावेज और साक्ष्य सौंपे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पटना समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में जन सुराज के कार्यकर्ताओं को बिना किसी एफआईआर और वैधानिक आधार के पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पीरबहोर थाना क्षेत्र में एक कार्यकर्ता को देर रात घर लौटने के दौरान पुलिस ने परेशान किया। वहीं, 21 जुलाई को अफरोज अहमद और तौसिफ नामक दो कार्यकर्ताओं को बिना कारण थाने में बैठाकर रखा गया।
इसके अलावा, बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में पार्टी के प्रदेश सचिव रवि नारायण तथा सिवान में पार्टी नेता शाहनवाज आलम के घर भी देर रात पुलिस पहुंचने और पूछताछ करने का आरोप लगाया गया। मनोज भारती ने कहा कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से काम करने का निर्देश देने की मांग निर्वाचन आयोग से की गई है।
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में भाजपा और एनडीए के मंत्री, सांसद, विधायक, विधान पार्षद और पूर्व जनप्रतिनिधि सुरक्षा बलों के साथ चुनाव प्रचार कर मतदाताओं पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इसकी भी शिकायत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की है।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बांकीपुर के व्यवसायियों को आयकर और जीएसटी की कार्रवाई का भय दिखाकर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद सदस्य अफाक अहमद, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ, सिद्धनाथ राय और ललन यादव भी शामिल थे।

