राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘नकली सनातनी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि देश के सनातनियों को ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा, “ये वही लोग हैं, चाहे कांग्रेस हो या अखिलेश यादव, जिन्होंने कभी भगवान राम के अस्तित्व को ही स्वीकार नहीं किया। इन्होंने अदालत में कहा था कि रामसेतु झूठा है और भगवान राम काल्पनिक हैं। आज वही लोग खुद को रामभक्त बताने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि भगवान राम का भव्य मंदिर बन चुका है और उसकी भव्य प्राण प्रतिष्ठा भी हो चुकी है। यह दुनिया भर में रहने वाले सनातनियों की आस्था थी, है और हमेशा रहेगी। राम मंदिर चढ़ावा मामले पर गिरिराज सिंह ने कहा कि इस घटना से हिंदू समाज आहत हुआ है और इसमें कोई दो राय नहीं है। सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ ‘नकली सनातनी’ केवल 2027 के चुनावी वोटों पर नजर रखे हुए हैं। देश के सनातनियों को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
दरअसल, यह पूरा विवाद उस समय और बढ़ गया, जब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह अयोध्या में मुकदमा दायर करेंगे और मांग करेंगे कि उनके द्वारा मंदिर निर्माण के लिए दिया गया चंदा वापस किया जाए, क्योंकि उस धन का गबन हुआ है।
दिग्विजय सिंह ने बताया कि तत्कालीन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख रुपए का दान दिया था। इसी कारण उन्होंने उससे अधिक राशि देने का फैसला किया और 1 लाख 11 हजार रुपए का दान किया था।
उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि यह राशि ट्रस्ट में जमा कराई जाए। उन्होंने स्वयं राशि जमा कराई और उसकी रसीद भी ली। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने यह दान भगवान राम में आस्था और भव्य मंदिर निर्माण की भावना से दिया था, लेकिन अब सामने आ रही शिकायतें बेहद चिंताजनक हैं।

