6 मई । ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बुधवार तड़के एक अपार्टमेंट में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों एक बुजुर्ग दंपति और उनकी नाबालिग पोती की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा शहर के लक्ष्मी सागर इलाके स्थित बसंत विला अपार्टमेंट में हुआ।
जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 4 से 4:30 बजे के बीच लगी, जिससे इमारत में तेजी से धुआं फैल गया और वहां रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
आईएएनएस से बातचीत में भुवनेश्वर के डिप्टी फायर ऑफिसर नारायण दास ने बताया कि फायर ब्रिगेड को सुबह करीब 5 बजे आग लगने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल कर्मी अत्याधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पा लिया, जिससे आग को और फैलने से रोका जा सका।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग सीढ़ियों के पास स्थित इलेक्ट्रिक पैनल में शॉर्ट सर्किट से लगी। पैनल के पास खड़ी साइकिलें चिंगारी के कारण आग की चपेट में आ गईं, जिससे भारी धुआं और आग फैल गई। इसी वजह से पैनल के पास कमरे में रहने वाले परिवार के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
सूत्रों के मुताबिक, आग इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग प्वाइंट से भी शुरू हो सकती है, हालांकि आग लगने के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मृतकों की पहचान बिश्वनाथ बेहरा (62) और उनकी पत्नी सुलभा बेहरा (60) के रूप में हुई है, जो खोरधा जिला के गोपीनाथपुर गांव के रहने वाले थे। दोनों पिछले 10 वर्षों से अपार्टमेंट के स्टिल्ट फ्लोर पर बने एक कमरे में रह रहे थे। बिश्वनाथ अपार्टमेंट में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे, जबकि उनकी पत्नी केयरटेकर थीं। उनकी 11 वर्षीय पोती हाल ही में गर्मी की छुट्टियां बिताने उनके पास आई थी।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग दंपति और उनकी पोती को आग और धुएं के कारण गंभीर रूप से झुलसने और दम घुटने की समस्या हुई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दंपति को मृत घोषित कर दिया। वहीं, बच्ची को इलाज के लिए एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, कटक रेफर किया गया, जहां उसने भी दम तोड़ दिया।
इस आगजनी की घटना में इमारत को भी भारी नुकसान पहुंचा है। अपार्टमेंट के अंदरूनी हिस्सों, छत और लिफ्ट एरिया को गंभीर क्षति पहुंची है।

