August 11, 2026
National

भाजपा ने साजिश के तहत झारखंड में कराया आंदोलनः विजय वड्डेट्टीवार

BJP orchestrated the agitation in Jharkhand as part of a conspiracy: Vijay Wadettiwar

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने मंगलवार को वंदे मातरम बिल, शरद पवार की पीएम मोदी से मुलाकात और झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन सहित कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।

झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर विजय वडेट्टीवार ने आईएएनएस से कहा, “झारखंड का आंदोलन भाजपा समर्थित है। जंतर-मंतर के आंदोलन का महत्व कम करने के लिए साजिश के तहत झारखंड में आंदोलन शुरू कराया गया। भाजपा ने पश्चिम बंगाल से युवाओं को लाकर आंदोलन कराया। राहुल गांधी हमेशा बच्चों के साथ रहे हैं। छात्रों के हक के लिए राहुल गांधी लड़ते आ रहे हैं।”

विजय वडेट्टीवार ने एक्स पर लिखा, “जब देश के युवा 20 दिनों तक जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे, तो न तो मोदी और न ही शाह और न ही उनके किसी मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। देश सत्ताधारी पक्ष की चाल से अच्छी तरह वाकिफ है। सरकार को चुनौती देने वाले आंदोलन को दबाने के लिए जवाबी विरोध-प्रदर्शन भड़काना और इस तरह लोगों के सामने मौजूद असली मुद्दों से ध्यान भटकाना। जो लोग राहुल गांधी पर झारखंड आंदोलन से भागने का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि जब संसद का सत्र चल रहा था, तब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री कहां थे? वे सवालों का जवाब देने से क्यों बच रहे थे?”

शरद पवार की पार्टी और पीएम मोदी से मुलाकात पर विजय ने कहा, “बार-बार प्रधानमंत्री से मुलाकात करना सेक्युलर मतदाताओं को धोखा देना प्रतीत होता है, क्योंकि इन्हीं मतदाताओं के भरोसे शरद पवार की पार्टी का महत्व है।” वंदे मातरम बिल पर कांग्रेस नेता ने कहा, “वंदे मातरम हमारे खून और दिमाग में है। हम तो आजादी के लिए लड़ने वाले विचारधारा के लोग हैं। हमें वंदे मातरम भाजपा और आरएसएस के लोगों से सीखने की जरूरत नहीं है।”

वहीं, भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि उत्तर प्रदेश के एक राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी की ओर से सभी मदरसों में 15 अगस्त मनाने और राष्ट्रगान गाने की अपील एक स्वागत योग्य पहल है। इस देश में रहने वाले लोग और सभी संस्थाओं को देश के संविधान और राष्ट्रीय गीत में आस्था रखनी चाहिए।

संजय उपाध्याय ने कहा, “इस बार 15 अगस्त को लाल किले पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन होगा। देश की संसद ने किसी भी सरकारी कार्यक्रम से पहले वंदे मातरम गायन का नियम पारित किया है। वंदे मातरम गीत गाकर स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी दिलाई थी। आज भी वंदे मातरम बोलने पर रक्त संचार बढ़ जाता है और देशभक्ति की भावना जागृत होती है।”

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