April 26, 2026
National

बीआरओ के प्रोजेक्ट दंतक ने मनाया 66वां स्थापना दिवस, भारत-भूटान मैत्री को मिला नया आयाम

BRO’s Project Dantak celebrates its 66th Foundation Day, giving a new dimension to India-Bhutan friendship

24 अप्रैल । भूटान की राजधानी थिम्पू में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की दंतक परियोजना ने 24 अप्रैल को अपना 66वां स्थापना दिवस मनाया। यह अवसर भारत और भूटान के बीच दशकों से चली आ रही मजबूत और भरोसेमंद साझेदारी का प्रतीक बना, जिसने दोनों देशों के बीच विकास व सहयोग के रिश्तों को और अधिक सुदृढ़ किया।

प्रोजेक्ट दंतक की स्थापना 24 अप्रैल 1961 को हुई थी और तब से यह भूटान के बुनियादी ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभा रही है। शुरुआती वर्षों में इस परियोजना ने भूटान की पहली मोटर योग्य सड़क के निर्माण के साथ देश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था की नींव रखी। समय के साथ यह परियोजना भूटान के सामाजिक और आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण आधार बन गई और आज इसे देश की कनेक्टिविटी रीढ़ माना जाता है।

पिछले छह दशकों से अधिक समय में प्रोजेक्ट दंतक ने भूटान में व्यापक सड़क नेटवर्क विकसित किया है। 1500 किलोमीटर से अधिक सड़कों के निर्माण के साथ-साथ इसने पूर्व-पश्चिम राजमार्ग जैसी रणनीतिक परियोजनाओं को आकार दिया है, जो देश के दूरदराज़ क्षेत्रों को राजधानी थिम्पू से जोड़ती हैं। इसके अलावा फुएंत्शोलिंग-थिम्पू हाईवे, पारो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और योंगफुला एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड जैसे महत्वपूर्ण ढांचों के निर्माण में भी इसकी अहम भूमिका रही है, जिससे भूटान की कनेक्टिविटी और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिली है।

सड़क निर्माण के अलावा परियोजना दंतक ने भूटान में जलविद्युत परियोजनाओं, पुलों, दूरसंचार नेटवर्क, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन प्रयासों ने न केवल देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में भी बड़ी भूमिका निभाई है।

हाल के वर्षों में इस परियोजना ने आधुनिकीकरण और तकनीकी उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया है। कॉन्फ्लुएंस-हा सड़क खंड के दोहरीकरण और लगभग 168 किलोमीटर लंबे समद्रुप जोंगखार-त्राशिगांग हाईवे के उन्नयन जैसे कार्यों ने यात्रा समय को कम करने, सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने में मदद की है। इसके साथ ही भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तेजी से सड़कों की बहाली कर इस परियोजना ने अपनी कार्यक्षमता और तत्परता भी साबित की है।

वर्तमान में भी प्रोजेक्ट दंतक भूटान के विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में लगी हुई है, जिनमें सड़क विस्तार, पुल निर्माण और वैकल्पिक मार्गों का विकास शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य देश में हर मौसम में सुचारू और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है, साथ ही भूटान की पर्यावरणीय संवेदनशीलता का भी ध्यान रखना है।

स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में अधिकारियों, कर्मियों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया गया और सेवा के दौरान शहीद हुए कर्मियों को श्रद्धांजलि भी दी गई। एक अंतर-विद्यालयीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसने युवाओं में जागरुकता और सहभागिता को प्रोत्साहित किया। 65 वर्षों की इस लंबी यात्रा के साथ प्रोजेक्ट दंतक आज केवल एक इंजीनियरिंग परियोजना नहीं बल्कि भारत और भूटान के बीच गहरे विश्वास, मित्रता और सहयोग का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। इसने न केवल सड़कों और पुलों का निर्माण किया है बल्कि दोनों देशों के बीच विकास और सद्भावना के मजबूत सेतु भी तैयार किए हैं।

स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो पेशेवर उत्कृष्टता और सामुदायिक सहभागिता दोनों को दर्शाते हैं। इनमें 14 अप्रैल 2026 को थिम्पू में आयोजित एक अंतर-विद्यालयीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, विशिष्ट कर्मियों का अभिनंदन और कर्तव्य की राह में सर्वोच्च बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि शामिल है। ये समारोह भूटान के लोगों के साथ परियोजना दंतक के अटूट बंधन को भी रेखांकित करते हैं। परियोजना दंतक अपनी 65 वर्षों की विशिष्ट सेवा पूरी कर रही है और यह इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, अटूट समर्पण और भारत और भूटान के बीच गहरी मित्रता का प्रतीक है। यह परियोजना न केवल सड़कों और बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है, बल्कि दोनों देशों के बीच सद्भावना के स्थायी सेतु भी बना रही है।

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