24 अप्रैल । बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रिपरिषद में विश्वास मत प्रस्ताव पर बोलते हुए विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि चुनाव के दौरान ही यह साफ था कि भाजपा के लोग नीतीश कुमार को ज्यादा दिन मुख्यमंत्री नहीं रहने देंगे और आज यही हालत हो गई।
उन्होंने कहा कि बिहार एक अजूबा राज्य है जहां पांच साल में पांच सरकार का गठन किया गया है। आखिर ऐसी नौबत क्यों आती है? राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने जो संकल्प लिया था, उसे पूरा किया। एलेक्टेड सीएम को सेलेक्टेड सीएम ने हटा दिया।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सम्राट चौधरी अपनी पगड़ी को संभाल कर रखें क्योंकि उस पगड़ी पर पूर्व उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा की नजर है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आज सरकार पर जो भी टॉप थ्री पर हैं, उनमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राजद से यानी लालू यादव की पाठशाला से आए हैं, जबकि उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी कांग्रेस से आए हैं। उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव जनता दल से आए हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि कोई ओरिजिनल भाजपाई बड़े पद पर बैठा ही नहीं है। असली भाजपा के लोग पीड़ित हैं और नाखुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उम्र को लेकर भी तंज कसा। सवाल करते हुए उन्होंने पूछा कि उनकी कौन से एफिडेविट में दिए गए उम्र को सत्य माना जाए।
इस दौरान सत्ता पक्ष ने जमकर टोका-टोकी भी की। राजद के नेता ने आगे सरकार को विकास में मदद देने का भरोसा देते हुए कहा कि जब लालू यादव मुख्यमंत्री पद से हटे थे, तब यहां की राशि सरप्लस में थी। आज सरकार का खजाना खाली है। जब सरकार का खजाना खाली है तो काम कैसे होगा? उन्होंने कहा कि बिहार को गरीबी से निकालने के लिए जो भी सहयोग होगा, वह राजद और महागठबंधन के लोग देंगे। उन्होंने माना कि हमारे पास संख्या बल नहीं है, लेकिन उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आप आगे बढ़ें, हमारा साथ रहेगा।


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