उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज कहा कि केंद्र सरकार ने तीर्थयात्रा पुनरुद्धार एवं आध्यात्मिक संवर्धन अभियान (प्रसाद) के तहत ऊना जिले में माता चिंतपूर्णी मंदिर के विकास के लिए 56.26 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। वह हरोली विधानसभा क्षेत्र के टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में 4 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चार मंजिला अग्निशमन चौकी जनता को समर्पित करने के बाद टाहलीवाल गांव में बोल रहे थे।
अग्निहोत्री ने कहा कि प्रसाद योजना के तहत प्राप्त धनराशि का उपयोग राज्य की धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रचार-प्रसार के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य को देवताओं का निवास भी कहा जाता है। इसके अलावा, माता चिंतपूर्णी मंदिर के सौंदर्यीकरण और वहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने पर 350 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने माता नैना देवी मंदिर में बुनियादी ढांचे के विकास और श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान करने के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। उन्होंने कहा कि दो अग्निशमन वाहनों वाली अग्निशमन चौकी को अग्निशमन उपकेंद्र में अपग्रेड किया जाएगा और इस बारे में निर्णय मंत्रिमंडल की अगली बैठक में लिया जाएगा।
अग्निहोत्री ने बताया कि प्रस्तावित फायर सब स्टेशन में तीन अग्निशमन वाहन, ड्यूटी रूम, वर्कशॉप, कंट्रोल रूम, बैरक और अग्निशमन कर्मियों के लिए डाइनिंग हॉल के अलावा वाहनों के लिए कवर्ड पार्किंग की जगह होगी। उन्होंने बताया कि टाहलीवाल पुलिस स्टेशन को भी स्थायी भवन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने ऊना एसपी को पुलिस स्टेशन भवन के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि की पहचान करने के निर्देश दिए।
इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने 4 करोड़ रुपये की लागत से श्री गिदगिड़ा साहिब से श्री टाहली साहिब तथा हरोली मुख्य सड़क से श्री बाबा भरथरी मंदिर, पंजुआना तथा बालीवाल गांवों तक बनने वाले 4.25 किलोमीटर सम्पर्क मार्ग की आधारशिला रखी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासियों को बेहतर सम्पर्क सुविधा प्रदान करने के लिए हरोली खंड में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, उपायुक्त जतिन लाल तथा पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह भी मौजूद थे।