बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने राज्य में अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर अहम बयान दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जनहित में लगातार काम कर रही है और हर पंचायत में ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं, जहां आम जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में रामकृपाल यादव ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनहित में बेहद अच्छा काम शुरू किया है। हर पंचायत में सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां लोगों से आवेदन लेकर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। जो अधिकारी आवेदन का समय पर निपटारा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। 31वें दिन अधिकारी खुद सस्पेंड हो जाएंगे, ऐसी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और कई मंत्री अलग-अलग जिलों के दौरे पर गए थे। मैं खुद बेगूसराय पहुंचा था, जहां तीन पंचायतों में आयोजित शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शिविर में पहुंचे और छोटी-छोटी समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया, जिससे लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
अपराध और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहली प्राथमिकता अपराध मुक्त बिहार, गुंडा मुक्त बिहार और हत्यारा मुक्त बिहार बनाना है। अपराध करने वाला बचेगा नहीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अपराधियों को बख्शा न जाए। हाफ एनकाउंटर तो हो रहा है और जो सुधरेगा नहीं, वो फुल एनकाउंटर में ऊपर जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार अपराधियों को सिर उठाने नहीं देगी।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा बिहार में अपराध और महिलाओं के खिलाफ घटनाओं को लेकर सरकार पर निशाना साधे जाने पर मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की दुकान बंद होने वाली है, जनता उनसे मुंह मोड़ चुकी है। अगर तेजस्वी यादव अपराध के आंकड़े पेश कर रहे हैं तो उन्हें अपने शासनकाल के अपराध के आंकड़े भी जनता के सामने रखने चाहिए। पहले बिहार में भय और खौफ का माहौल था और महिलाएं शाम के बाद घर से निकलने से डरती थीं, जबकि अब लोग देर रात गंगा पथ और मरीन ड्राइव पर परिवार के साथ घूम रहे हैं।
देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों की हड़ताल पर मंत्री ने कहा कि दवा व्यापारियों की समस्याएं वाजिब हो सकती हैं, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है और सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी।
जदयू की कार्यप्रणाली पर आनंद मोहन द्वारा सवाल उठाए जाने पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आनंद मोहन पुराने नेता और मित्रवत व्यक्ति हैं, लेकिन उन्हें जदयू की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि वे पार्टी के सदस्य नहीं हैं। जदयू में ‘थैली देकर मंत्री पद’ पाने जैसा कोई उदाहरण नहीं है और ऐसे आरोप बेबुनियाद हैं।
उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार आज भी सक्रिय, जागरूक और प्रभावी नेता हैं। बिहार को अंधकार और अव्यवस्था से निकालकर विकास की राह पर लाने का काम नीतीश कुमार ने किया है। नीतीश कुमार को कोई दफन नहीं करेगा, दफन करने वाला खुद दफन हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आनंद मोहन को लगता है कि जदयू खराब पार्टी है, तो वे अपने परिवार के उन सदस्यों, जो पार्टी में हैं, से कहें कि वे पार्टी छोड़ दें।


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