25 जुलाई । दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल 21 वर्षीय युवती की डॉ. राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल की ओर से शनिवार को हेल्थ-बुलेटिन जारी किया गया।
हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी घटना के बाद युवती को गंभीर हालत में डॉ. राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, उसकी हालत में सुधार दिख रहा है। लगभग 72 घंटे पहले उसे वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया था। वह ठीक से सांस ले रही है। मरीज होश में है, अलर्ट है, और कमांड पर ठीक से रेस्पॉन्ड कर रही है।
हेल्थ बुलेटिन में बताया गया, “पिछले 24 घंटों से उसे ओरल ड्रग्स भी दिए जा रहे हैं, जिन्हें वह अच्छी तरह से सहन कर रही है। उसकी क्लिनिकल हालत अभी स्टेबल है, हालांकि वह अभी भी कड़ी निगरानी में हैं और उनकी लगातार रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए स्पेशलिस्ट की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की देखरेख में उन्हें पूरी देखभाल मिल रही है।”
बता दें कि सोशल मीडिया पर महिला प्रदर्शनकारी की मौत की खबर तेजी से वायरल होने लगी थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक जारी कर इसे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया था। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पोस्ट में कहा था कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही यह खबर कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी की मौत हो गई है, पूरी तरह गलत है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि संबंधित महिला जीवित हैं और उनका इलाज डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस ने बताया था कि अस्पताल के डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि युवती की स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि जरूर करें। पुलिस ने कहा कि जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार का मतलब है कि बिना जांचे-परखे किसी भी जानकारी को आगे न बढ़ाया जाए।
आरएमएल अस्पताल के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई महिला की हालत में सुधार हो रहा है। उसे 24 घंटे पहले वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और अब वह खुद सांस ले रही है। वह होश में है और डॉक्टरों के निर्देशों का पालन कर रही है। उसकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर के पास सीजेपी की ओर से हुए प्रदर्शन के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव और हिंसा में 20 से अधिक पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए।


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