July 25, 2026
National

वांगचुक के अनशन खत्म करने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, इमरान मसूद ने मांगा जवाब

Congress raises questions over Wangchuk ending his fast; Imran Masood seeks answers.

25 जुलाई । कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में सोनम वांगचुक के उपवास खत्म करने के फैसले पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या कोई समझौता हुआ था। इसके अलावा सांसद ने कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार को घेरा।

सोनम वांगचुक द्वारा हाल ही में कहा है कि अनशन तोड़ने पर उनसे सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है। इस बात पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “हमने कहा था कि जब आप (सोनम वांगचुक) आंदोलन कर रहे थे, तो विपक्ष के 45 सांसद आपसे अनुरोध करने गए थे, लेकिन आप नहीं माने। हम लंबे समय से लगातार कह रहे थे कि आपकी जान कीमती है और आपको खुद को खतरे में नहीं डालना चाहिए, लेकिन जब बीजेपी सरकार के दो मंत्री आपके पास गए, तो आप तुरंत मान गए? असल में आप किस बात पर सहमत हुए? कृपया यह भी बताएं।”

उन्होंने कहा, “आप भूख हड़ताल पर क्यों बैठे थे। अगर आपको विरोध खत्म करना ही था, तो जब विपक्ष के सांसद आपके पास आए थे, तब आपने ऐसा क्यों नहीं किया या जब अभिजीत दिपके जैसे नेताओं ने आपसे बार-बार अनुरोध किया था, तब क्यों अनशन नहीं तोड़ा? इस सवालों के जवाब वांगचुक को देने पड़ेंगे।”

इमरान मसूद ने कहा, “आपको जवाब देना होगा। आपने अपनी भूख हड़ताल क्यों तोड़ी? किस वजह से आपने इसे खत्म किया? अगर आपने 10 छात्रों को बुलाया होता और उनके हाथों से जूस लिया होता, तो यह समझ में आता कि आपने उनकी अपील पर यह कदम उठाया है। आपसे यह सवाल पूछा जा रहा है, किस आधारों पर आप मंत्रियों की बात से सहमत हुए और भूख हड़ताल तोड़ने का फैसला किया?”

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “अन्ना हजारे 12 साल से चुप हैं। सोनम वांगचुक अन्ना हजारे पार्ट-2 हैं। मैंने बिल्कुल यही कहा था। ऐसा कहने में क्या गलत है? क्या मैंने कोई संवेदनशील बात छेड़ दी?”

प्रधानमंत्री नरेंद्र के वीडियो और फॉलेवर्स बढ़ने पर कांग्रेस सांसद ने कहा, “जो फर्जी लोग नैरेटिव सेट करते थे, उनको युवाओं ने मुहंतोड़ जवाब दिया है। जो काम युवाओं ने पिछले 12-13 दिन में कर दिया, मैं उन्हें सलाम करता हूं। जेन जी जिसके खिलाफ हो जाते हैं तो उनका इलाज पक्का होता है। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा, इसके अलावा कोई चारा नहीं है।”

सरकार द्वारा पेपर लीक पर कानून बनाने की बात पर इमरान मसूद ने कहा, “मौजूदा कानून अपने आप में सक्षम हैं। जब चार्जशीट दाखिल होगी तब कार्रवाई होती है, लेकिन इस सरकार चार्जशीट ही नहीं दाखिल होती। सरकार पूरी शिक्षा प्रणाली को ध्वस्त करने वाले शिक्षा मंत्री को हटाने को तैयार नहीं है।

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