मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को केंद्रीय मंत्री और गुरुग्राम सांसद राव इंद्रजीत सिंह द्वारा गुरुग्राम में जलभराव और अन्य नागरिक मुद्दों को लेकर पिछली कांग्रेस सरकार की आलोचना का समर्थन करते हुए कहा कि जल निकासी परियोजनाओं सहित विकास कार्य अब पूरी गति से आगे बढ़ रहे हैं।
गुरुग्राम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, सैनी ने संवैधानिक संस्थानों, विशेष रूप से चुनाव आयोग की आलोचना करने के लिए कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी को भी निशाना बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा, “इस समय आरोपों की राजनीति नहीं, बल्कि तथ्यों की राजनीति की आवश्यकता है।” उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को सरकार से सवाल करने और जवाब मांगने का पूरा अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों को ठोस सबूतों से समर्थित होना चाहिए।
सैनी ने कहा कि चुनाव आयोग, सर्वोच्च न्यायालय और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक जैसे संस्थान किसी विशेष सरकार या राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इनकी विश्वसनीयता देश और इसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था की संपत्ति है, और इनकी गरिमा बनाए रखना राजनीतिक दलों और नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का जिक्र करते हुए सैनी ने कहा कि किसी संस्था के कामकाज पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन बिना सबूत के गंभीर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है जो चुनाव कराने और मतदाता सूची तैयार करने एवं अद्यतन करने के लिए उत्तरदायी है। विशेष गहन संशोधन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आयोग ने इस प्रक्रिया पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।


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