केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अहम खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) को लेकर भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया है। उन्होंने अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के एक ‘एक्स’ पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में आयोजित क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल मीटिंग में हिस्सा लिया।
यह बैठक अमेरिका के ट्रेजरी विभाग की मेजबानी में आयोजित की गई थी, जिसकी अगुवाई ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने की। अश्विनी वैष्णव ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा कि महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है।
बता दें कि ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में इस बैठक को लेकर अहम जानकारी शेयर की। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा कि अमेरिका के ट्रेजरी विभाग द्वारा आयोजित इस फाइनेंस मिनिस्टीरियल बैठक में सभी देशों के बीच क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन में मौजूद प्रमुख कमजोरियों को तेजी से दूर करने की साझा इच्छा स्पष्ट रूप से सामने आई।
स्कॉट बेसेंट ने यह भी कहा कि वह इस बात को लेकर आशावादी हैं कि देश डिकपलिंग (पूरी तरह अलग होने) की बजाय डि-रिस्किंग (जोखिम कम करने) की नीति अपनाएंगे।
वहीं, भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “अश्विनी वैष्णव ने अमेरिका द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला की मंत्री स्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने आर्थिक समृद्धि, लचीली मैन्युफैक्चरिंग और विकसित भारत को साकार करने के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए भारत की पक्की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
इस पूरी पहल को भारत और अन्य देशों के बीच बढ़ते सहयोग के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला पर वैश्विक स्तर पर समन्वय से न केवल सप्लाई चेन सुरक्षित होगी, बल्कि भविष्य की औद्योगिक और तकनीकी जरूरतों को भी मजबूती मिलेगी।

