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कर्नाटक के मतदाताओं के लिए मराठी भाषा में एसआईआर फॉर्म की मांग, अरविंद सावंत ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र

Demand for SIR forms in the Marathi language for voters in Karnataka; Arvind Sawant writes to the Election Commission.

शिवसेना (यूबीटी) के नेता और सांसद अरविंद सावंत ने भारत निर्वाचन आयोग से कर्नाटक के बेलगावी (बेलगाम) और अन्य मराठी भाषी क्षेत्रों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए मराठी भाषा में फॉर्म उपलब्ध कराने की मांग की है। सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में कहा कि कर्नाटक के बेलगावी और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मराठी भाषी नागरिक रहते हैं, जिन्हें एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भाषा से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पत्र में अरविंद सावंत ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को सही और समावेशी बनाने के लिए एसआईआर प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन मराठी भाषी मतदाताओं के सामने एक बड़ी व्यावहारिक समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि बेलगावी जिले और आसपास के कई इलाकों में बड़ी आबादी केवल मराठी भाषा पढ़ती, लिखती और समझती है। खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को कन्नड़ भाषा की सीमित या कोई जानकारी नहीं है। वर्तमान में एसआईआर फॉर्म कथित तौर पर केवल कन्नड़ भाषा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे इन मतदाताओं को फॉर्म समझने और सही तरीके से भरने में कठिनाई हो रही है।

सांसद ने पत्र में 1995 के कर्नाटक हाई कोर्ट के एक आदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें मराठी भाषी भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें सार्वजनिक सेवाओं तक भाषा के कारण वंचित न होने देने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़े फॉर्म का मराठी में उपलब्ध होना इसी उद्देश्य के अनुरूप रहा है।

अरविंद सावंत ने कहा कि मराठी में फॉर्म उपलब्ध नहीं होने के कारण कई वास्तविक मतदाता दूसरों की मदद लेने को मजबूर हैं। इससे फॉर्म में गलतियां, अधूरी जानकारी या गलत घोषणाएं होने की संभावना बढ़ जाती है, जिसके कारण मतदाता सूची में नाम शामिल होने में देरी, आपत्ति या नाम हटने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

सांसद ने चुनाव आयोग से चार प्रमुख मांगें की हैं। जिसमें कहा गया है कि बेलगावी और कर्नाटक के अन्य मराठी भाषी क्षेत्रों में, जहां इसकी जरूरत है, वहां एसआईआर फॉर्म मराठी भाषा में उपलब्ध कराए जाएं। जहां मराठी फॉर्म उपलब्ध कराए जाएं, वहां मतदाताओं को मराठी में भरे गए फॉर्म जमा करने की अनुमति दी जाए। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को मराठी भाषा के फॉर्म उपलब्ध कराने और स्वीकार करने के लिए उचित निर्देश जारी किए जाएं। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मराठी भाषा में मतदाता सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भाषा के कारण कोई पात्र मतदाता प्रभावित न हो।

अरविंद सावंत ने कहा कि मराठी भाषा में एसआईआर फॉर्म उपलब्ध कराने से मतदाताओं की परेशानियां दूर होंगी, लोकतांत्रिक भागीदारी मजबूत होगी और चुनाव प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बढ़ेगा।

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