राज्य सरकार ने शिक्षा निदेशालय को दो अलग-अलग संस्थाओं में पुनर्गठित करने की अधिसूचना जारी की है: स्कूल शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय। पिछली कैबिनेट बैठक में स्वीकृत इस निर्णय का उद्देश्य राज्य में शिक्षा प्रशासन को सुव्यवस्थित और बेहतर बनाना है।
नए ढांचे के तहत, पूर्व प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय अब स्कूल शिक्षा निदेशालय के रूप में कार्य करेगा। यह विभाग आधारभूत स्तर से लेकर कक्षा 12वीं तक की पूरी स्कूली शिक्षा व्यवस्था की देखरेख करेगा। इससे पहले, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय केवल कक्षा 8 तक के छात्रों का प्रबंधन करता था।
उच्च शिक्षा निदेशालय, जो पहले कक्षा IX-XII और कॉलेज शिक्षा के लिए जिम्मेदार था, अब केवल कॉलेजों पर ही ध्यान केंद्रित करेगा।
पुनर्गठन को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए सरकार ने सचिव शिक्षा राकेश कंवर की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। समिति कर्मचारियों और जिम्मेदारियों का सुचारू रूप से हस्तांतरण भी सुनिश्चित करेगी। समिति के अन्य सदस्यों में स्कूल शिक्षा निदेशक, उच्च शिक्षा निदेशक, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक, अतिरिक्त सचिव (शिक्षा), संयुक्त सचिव (शिक्षा), अवर सचिव (शिक्षा) और संयुक्त नियंत्रक (एफ एंड ए) समग्र शिक्षा शामिल हैं।
सरकार ने अपनी नीतियों और निर्णयों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए शिक्षा निदेशालय का पुनर्गठन किया है। शिक्षकों के एक वर्ग में इस निर्णय का विरोध भी हुआ, लेकिन सरकार ने इसे लागू कर दिया है।