द्वारका जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों और अवैध शराब पर सख्ती करते हुए नया अभियान ‘नशे पर लगाम, देश को सलाम’ शुरू किया है। अभियान के तहत स्पेशल स्टाफ और एंटी-नारकोटिक्स सेल की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई कर दो अंतर-राज्यीय अवैध शराब सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 3850 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की है और दो कारें भी जब्त कर ली हैं।
8 मई को द्वारका जिला पुलिस की टीमों ने दो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। नजफगढ़ थाना क्षेत्र में यूईआर दीचाऊं डिपो के पास कार से धर्मेंद्र (25 वर्ष, निवासी रोहतक, हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया। उसकी कार से 2500 क्वार्टर अवैध शराब बरामद हुई। दूसरी कार्रवाई साईं बाबा मंदिर के पास हुई, जहां अमन (22 वर्ष, निवासी झिलमिल, शाहदरा) को एक कार के साथ 1350 क्वार्टर अवैध शराब के साथ पकड़ा गया। दोनों मामलों में नजफगढ़ पुलिस स्टेशन में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/38/58 (डी) के तहत अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह (आईपीएस) के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में अवैध शराब और नशीले पदार्थों की सप्लाई को पूरी तरह रोकना है। डीसीपी ने अपनी टीमों को सख्त निर्देश दिए हैं कि युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को इस सामाजिक बुराई से मुक्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जाएं।
कार्रवाई इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में हेड कांस्टेबल प्रदीप, सुधीर, जयराम, जितेंद्र यादव, जयभगवान, विकास, गोपाल यादव और अन्य जवान शामिल थे। पूरे ऑपरेशन की देखरेख एसीपी (ऑपरेशंस) सुभाष मलिक ने की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अवैध शराब को दिल्ली और आसपास के इलाकों में सप्लाई करने की बात स्वीकार की। अमन ने बताया कि माता-पिता के देहांत के बाद आसानी से पैसे कमाने के लिए वह इस धंधे में शामिल हो गया था।
द्वारका जिला पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह अभियान लगातार चलेगा और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।


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