महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण साहस और बहादुरी दिखाने के लिए तारीफ की। उन्होंने कहा कि 174 लोगों की जान बचाने के लिए उनके द्वारा किया गया काम एक दुर्लभ उपलब्धि था।
एकनाथ शिंदे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और साहस का काम पूरी दुनिया में एक दुर्लभ उपलब्धि है। उन्होंने 174 लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर बहुत हिम्मत दिखाई। उन्होंने प्लेन को हाईजैक होने से बचाया और अपनी जान जोखिम में डालकर सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की।”
शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की, जिन्होंने सबसे पहले पायलट को बधाई दी और उनके साहसी प्रयासों की सराहना की। उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हमारे देश के लोकप्रिय और सफल प्रधानमंत्री ने उन्हें सबसे पहले बधाई दी। उन्हें इस बात पर बहुत गर्व हुआ कि स्मित मच्छार हमारे देश और मुंबई से हैं और महाराष्ट्र के लिए भी गर्व का कारण हैं।”
बता दें कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड-1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। बताया जाता है कि फ्लाइट ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और अचानक 17,000 फीट से अधिक नीचे आ गई। घटना से पहले प्लेन लगभग 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। फ्लाइट में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। बाद में फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुल अजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मच्छार खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने हुए और विमान की गैली (रसोई वाले हिस्से) में पीठ के बल लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि एक इजरायली यात्री ने उन्हें जानकारी दी थी कि विमान स्पिन करने लगा और नीचे की ओर जाने लगा था।
नेतन्याहू के अनुसार, यात्री और क्रू के एक सदस्य ने कॉकपिट में घुसकर पायलट पर काबू पा लिया। पायलट ने विमान के सिस्टम में छेड़छाड़ करने की कोशिश के दौरान मच्छार पर हमला किया था। मच्छार को विमान में सवार सभी 174 लोगों की जान बचाने में मदद करने के लिए ‘असली हीरो’ बताया जा रहा है। मच्छार चार साल से ज्यादा समय से फ्लाईदुबई से जुड़े हैं और उनके पास कमर्शियल एविएशन का 13 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें 9,500 से अधिक घंटे की उड़ान शामिल है।


Leave feedback about this