June 24, 2026
Punjab

मुंबई एयरपोर्ट के बाहर 62.5 लाख के नकली स्टांप पेपर बरामद, दो गिरफ्तार मुंबई,

Fake stamp papers worth Rs 62.5 lakh recovered outside Mumbai airport, two arrested

मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-8 ने मुंबई घरेलू हवाई अड्डे के बाहर से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 62.5 लाख रुपए से अधिक कीमत के नकली स्टांप पेपर बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि इस मामले के पीछे एक बड़ा रैकेट सक्रिय हो सकता है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बदलापुर निवासी रोहित जाधव (37) और कोपरखैराने निवासी नरेंद्र आहिरे (46) के रूप में हुई है। मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार, दोनों आरोपी नकली स्टांप पेपर किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने जा रहे थे।

इसी दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें एयरपोर्ट के बाहर रोककर जांच की। तलाशी के दौरान उनके पास से 251 नकली गैर-न्यायिक स्टांप पेपर बरामद किए गए। प्रत्येक स्टांप पेपर की कीमत 25 हजार रुपए बताई जा रही है। बरामद स्टांप पेपर की कुल कीमत करीब 62,50,500 रुपए आंकी गई है। पुलिस के मुताबिक, इन नकली स्टांप पेपर का इस्तेमाल विभिन्न गैर-न्यायिक कार्यों और लेनदेन में किए जाने की आशंका है।

जांच में सामने आया है कि नरेंद्र आहिरे इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना हो सकता है। पुलिस के अनुसार, आहिरे ने ये नकली स्टांप पेपर रोहित जाधव को आगे सप्लाई करने के लिए दिए थे। दोनों आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच कर रही है कि नकली स्टांप पेपर कहां से तैयार किए गए, इन्हें किसे पहुंचाया जाना था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

इससे पहले, मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी हथियार बेचने के लिए मुंबई पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी महाराष्ट्र के बाहर के रहने वाले हैं। उन्हें खुफिया जानकारी के आधार पर देर रात चलाए गए ऑपरेशन में पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी, इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और शुक्रवार रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने तीनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन पिस्तौल, मैगजीन और 45 कारतूस बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, हथियारों और कारतूसों पर ‘मेड इन चाइना’ लिखा हुआ था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये हथियार देश में किस रास्ते से लाए गए और इनकी असली सप्लाई कहां से हुई। –

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